Pakistan Grocery Rates: पाकिस्तान में महंगाई भारत से ज्यादा है या कम? पाकिस्तान में इस समय सरसों तेल और शक्कर का क्या रेट है? पाकिस्तान में आटा-दाल, बेसन और मसालों का क्या भाव चल रहा है?
Pakistan Inflation: हम भारतीय अक्सर घर में थोड़ी सी महंगाई बढ़ने पर परेशान हो जाते हैं, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान में इस समय जो हालात हैं, उसे देखकर आप भी कहेंगे, 'भाई, हम भारत में ही बहुत सुखी हैं!' पाकिस्तान में महंगाई का मीटर इस कदर भाग रहा है कि एक आम आदमी के लिए सुबह-शाम की चाय और पकौड़े का इंतजाम करना भी किसी बड़े बैंक लोन लेने जैसा मुश्किल काम हो गया है। आइए जानते हैं पड़ोसी देश में तेल-आटा का भाव क्या है...

सरसों का तेल सुनकर ही चौंक जाएंगे
पाकिस्तान के ऑनलाइन ग्रॉसरी साइट mycart.pk पर वाब्स एक्स्ट्रा वर्जिन मस्टर्ड ऑयल की कीमत ₹1,185 है। नॉर्मल कुकिंग ऑयल भी ₹640 लीटर बिक रहा है। अगर भारतीय रुपए में मोटा-मोटी हिसाब लगाया जाए तो यह कीमत भारत के कई शहरों में मिलने वाले सरसों तेल (₹180-₹200 लीटर) से काफी ज्यादा बैठती है। यानी अगर किसी परिवार को महीनेभर के लिए कई लीटर तेल खरीदना पड़े, तो उसका बजट तेजी से बढ़ सकता है।
चीनी भी नहीं रही सस्ती
पाकिस्तान में 1 किलो चीनी की कीमत करीब 225 पाकिस्तानी रुपए दिखाई गई है। वहीं 5 किलो चीनी का पैक 900 रुपए में बिक रहा है। ऐसे में चाय, मिठाई और घर के रोजमर्रा के इस्तेमाल का खर्च भी बढ़ जाता है।
दाल, आटा और मसाले भी महंगे
आटा और दाल: 10 किलो आटे का पैकेट ₹1,720 का है, तो धुली मूंग की दाल ₹525 किलो मिल रही है।
बेसन और मसाले: पकोड़े बनाने के लिए बेसन ₹300 किलो है।
इलाइची: सिर्फ 50 ग्राम हरी इलायची का रेट ₹770 पहुंच चुका है।
नोट- ये सभी रेट ऑनलाइन ग्रॉसरी साइट mycart.pk से लिए गए हैं।
कंगाली के बीच पाकिस्तान को एक और झटका
एक तरफ जहां पाकिस्तान की जनता दाने-दाने को तरस रही है, वहीं दूसरी तरफ इंटरनेशनल लेवल पर भी उसे बड़ा झटका लगा है। हमेशा पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की के सुर अचानक बदल गए हैं। तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने एक कार्यक्रम में भारत को लेकर बहुत बड़ा बयान दिया है। तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत को पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों को लेकर नाराज नहीं होना चाहिए। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा, '"भारत के साथ हमारा कोई सीमा विवाद नहीं है और न ही कोई आपसी लड़ाई है। भारत को चाहिए कि वह पाकिस्तान को बीच में लाए बिना तुर्की के साथ अपने रिश्तों को देखे।'
तुर्की ने पाकिस्तान का साथ क्यों छोड़ा?
विदेशी मामलों के जानकारों का मानना है कि तुर्की का यह बयान उसकी एक नई चाल है, जिसके तहत वह खुद को पाकिस्तान से दूर कर भारत के करीब लाना चाहता है। इसके पीछे भारत की एक तगड़ी कूटनीति है। भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद यह पहली बार है जब तुर्की ने पाकिस्तान को किनारे लगाकर भारत के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। भारत ने तुर्की के विरोधी देशों ग्रीस और साइप्रस के साथ मिलकर मजबूत रणनीतिक रिश्ते बना लिए हैं। इससे तुर्की को भूमध्यसागर वाले इलाके में अपना दबदबा खिसकता हुआ दिख रहा है। तुर्की को यूरोपीय देशों से लगातार झटका मिल रहा है, इसलिए अब वह भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत को नजरअंदाज नहीं कर पा रहा है। भारत ने तुर्की को उसी की भाषा में ऐसा जवाब दिया है कि अंकारा को अब दिल्ली के सामने झुकना पड़ रहा है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दिए गए राशन और ग्रॉसरी के रेट्स पाकिस्तानी ऑनलाइन ग्रॉसरी वेबसाइट mycart.pk पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर हैं, जो समय और बाजार के हिसाब से बदल सकते हैं। यह आर्टिकल सिर्फ सूचना और सामान्य ज्ञान (Information & General Awareness) के उद्देश्य से लिखा गया है। इसका मकसद किसी भी देश की धार्मिक, सामाजिक या राजनीतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं है।


