वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंदी से निपटने के लिए सरकार के द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि एनपीए में कमी आई है। एनपीए की रकम 8.65 लाख करोड़ रुपए से घटकर 7.90 लाख करोड़ रुपए रह गई।

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंदी से निपटने के लिए सरकार के द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि एनपीए में कमी आई है। एनपीए की रकम 8.65 लाख करोड़ रुपए से घटकर 7.90 लाख करोड़ रुपए रह गई। कर्ज वसूली 14 सरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा है।

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वित्त मंत्री के बयान की बड़ी बातें

- सीतारमण ने कहा- 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए।
- भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियां जब्त कीं, उन्हें वापस लाने की कोशिशें जारी हैं।
- नीरव मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि भगोड़ों की संपत्ति के जरिए रिकवरी जारी है। नीरव मोदी जैसे मामलों को रोकने के लिए स्विफ्ट बैंकिंग सिस्टम लागू किया गया
- एनपीए में कमी आई है। एनपीए की रकम 8.65 लाख करोड़ रुपए से घटकर 7.90 लाख करोड़ रुपए रह गई। कर्ज वसूली 14 सरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा है।
- लोन रिकवरी रिकॉर्ड स्तर पर, 250 करोड़ से ज्यादा के हर कर्ज पर नजर; 3.85 लाख शेल कंपनियां बंद 
- हाउसिंग फाइनेंस को 3300 करोड़ रुपए का सपोर्ट सरकार देगी

इन बैंकों का होगा विलय

- पीएनबी, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय होगा। तीनों मिलकर दूसरा बड़ा सरकारी बैंक बनेंगे, संयुक्त कारोबार मिलाकर 17.95 लाख करोड़ रुपए होगा।
- इसके अलावा केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का भी विलय होगा।
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का भी विलय होगा।
- इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक का विलय होगा।