केंद्र सरकार तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर हो रहे घाटे की भरपाई नहीं करेगी। कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बावजूद, आम लोगों के लिए कीमतें स्थिर रखी गई हैं। कंपनियों को प्रति लीटर 25-28 रुपये का नुकसान हो रहा है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और हवाई जहाज के ईंधन (ATF) की बिक्री पर हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए कोई आर्थिक मदद नहीं दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब तेल कंपनियां पहले से ही भारी घाटे से जूझ रही हैं।

सरकारी तेल कंपनियां- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) पिछले कुछ समय से भारी आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रही हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि खाड़ी देशों में तनाव के चलते पिछले दो महीनों में कच्चे तेल के दाम तो आसमान छू गए, लेकिन देश में पेट्रोल-डीजल के दाम पिछले चार साल से नहीं बढ़ाए गए हैं। अब तो कंपनियों को ATF की बिक्री पर भी नुकसान होने लगा है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा, "तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है।" रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 25 से 28 रुपये का घाटा हो रहा है, फिर भी कीमतें नहीं बढ़ाई गईं।

पिछले महीने घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमतों में 25% की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन कंपनियों का कहना है कि यह घाटा पूरा करने के लिए काफी नहीं है। वहीं, विदेशी एयरलाइंस को दिए जाने वाले ईंधन पर 5% से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई। 7 मार्च को घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलो) के दाम 60 रुपये बढ़ाए गए थे, लेकिन कंपनियां इसे भी नाकाफी बता रही हैं। सरकार पहले LPG पर होने वाले नुकसान की भरपाई सब्सिडी से करती थी, लेकिन अब ऐसी कोई नई योजना नहीं है।

सुजाता शर्मा ने बताया कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण सप्लाई में रुकावट के बावजूद, सरकार ने आम लोगों को बचाने के लिए पेट्रोल, डीजल और घरेलू LPG के दाम नहीं बढ़ाने का फैसला किया। कीमतों में बदलाव सिर्फ बल्क डीजल और कमर्शियल LPG तक ही सीमित रखा गया, जिनका इस्तेमाल ज्यादातर इंडस्ट्री और कमर्शियल ग्राहक करते हैं।

1 मई से अंतरराष्ट्रीय ATF की कीमतों में 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर (5.33%) की बढ़ोतरी हुई, जिससे नई कीमत 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर हो गई। होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर का दाम 993 रुपये बढ़कर 3,071.50 रुपये हो गया। वहीं, 5 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमत 549 रुपये से बढ़कर 810.50 रुपये हो गई।

टेलीकॉम टावर ऑपरेटर जैसे बल्क डीजल के इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए अब कीमत 149 रुपये प्रति लीटर हो गई है। जबकि पेट्रोल पंपों पर आम लोगों के लिए डीजल की कीमत 87.62 रुपये प्रति लीटर पर ही स्थिर है। हालांकि, घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमत 1,04,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर पर बिना किसी बदलाव के बनी हुई है।