Fuel Price Update: भारत और पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। भारत में ₹3 की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। जबकि, भयंकर ईंधन संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में ₹5 की मामूली कटौती के बाद भी पेट्रोल ₹400 पार चल रहा है।
India vs Pak Petrol Rate: अगर आपको लगता है कि भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम आपकी जेब ढीली कर रहे हैं, तो जरा ठहरिए। पड़ोसी देश पाकिस्तान की ताजा स्थिति देखकर आपके होश उड़ जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की मची उथल-पुथल के बीच भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में फ्यूल रेट में बड़ा उलटफेर हुआ है। जहां एक तरफ भारत में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, वहीं पाकिस्तान में मामूली राहत के बाद भी दाम आसमान छू रहे हैं। आइए जानते हैं दोनों देशों में आज तेल का क्या भाव है...

भारत vs पाकिस्तान: पेट्रोल की कीमतें कितनी हैं?
अगर दोनों देशों के तेल के दामों की तुलना करें, तो जमीन-आसमान का अंतर साफ दिखाई देता है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर है, जबकि पाकिस्तान में यह 409.78 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर बिक रहा है और हाई-स्पीड डीजल का दाम 409.58 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर है।
भारत का 1 रुपया पाकिस्तान में कितना है?
भारतीय रुपए के मुकाबले पाकिस्तानी रुपए की वैल्यू कम है। 1 भारतीय रुपया मौजूदा समय में 2.90 पाकिस्तानी रुपया के बराबर है। हालांकि, वहां की आम जनता के लिए अपनी ही करेंसी में ₹400 से ज्यादा का नोट चुकाना किसी बड़े झटके से कम नहीं है। भारतीय करेंसी के हिसाब से भी देखें तो वहां पेट्रोल करीब ₹141 लीटर पड़ रहा है।
पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत में कितनी कटौती?
पाकिस्तान सरकार ने 16 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है। वहां की सरकार हर शुक्रवार की रात को तेल के दामों की समीक्षा करती है। लेकिन इस छोटी सी राहत के पीछे का सच यह है कि ठीक एक हफ्ते पहले सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर सीधे 15 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए थे। यानी पहले जेब से 15 रुपए एक्स्ट्रा निकाले और फिर उसमें से सिर्फ 5 रुपए वापस किए।
पाकिस्तान में पेट्रोल के रेट क्यों इतने महंगे?
28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग के बाद से ही पाकिस्तान भयंकर ईंधन संकट से जूझ रहा है। मार्च और अप्रैल के महीनों में वहां एक ही झटके में तेल के दाम 43% से 55% तक बढ़ा दिए गए थे, जिससे आम लोगों का बजट पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।


