Railway Rules for Illegal Vendors in Train: ट्रेन में सामान बेचने वाले वेंडर की पहचान कैसे करें? क्या बिना QR कोड वाला वेंडर सामान बेच सकता है? रेलवे ने TTE को कौन-सी नई जिम्मेदारी दी है? अवैध वेंडर दिखे तो शिकायत कहां करें? रेल मदद 139 पर किस तरह की शिकायत दर्ज की जा सकती है?
Train Vendor New Rule: क्या आप भी ट्रेन में सफर के दौरान चाय, समोसा, पानी की बोतल या खाने-पीने का कोई भी सामान खरीदते हैं? क्या आप जानते हैं वह सामना कहां से आता है और किस क्वॉलिटी का होता है? क्या आपने कभी चेक किया कि सामान बेचने वाला व्यक्ति रेलवे का अधिकृत विक्रेता है या नहीं? वह जो प्रोडक्ट आपको दे रहा है, वह सही है या नहीं? अगर नहीं, तो अब रेलवे ने आपकी सेफ्टी का पूरा जिम्मा उठा लिया है। नए नियम के तहत ट्रेन में सिर्फ वही विक्रेता सामान बेच पाएंगे, जिनके पास QR कोड वाला वैलिड आइडी होगी।

ट्रेन में चाय-समोसा खरीदने से पहले क्या देखना जरूरी?
कोटा रेलवे की तरफ से गई जानकारी और रेलवे के नए निर्देशों के मुताबिक. ट्रेन में फूड आइटम्स बेचने वाले हर अधिकृत वेंडर के पास QR कोड वाला पहचान पत्र होना जरूरी है। अगर कोई बिना पहचान पत्र के या संदिग्ध तरीके से सामान बेचता दिखाई दे, तो उससे सामान खरीदने से बचना चाहिए। ऐसे मामलों की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों को दे सकते हैं। यात्रियों को कुछ भी खरीदने से पहले वेंडर का QR कोड वाला आईडी कार्ड जरूर देख लें।
रेलवे ने क्यों लिया यह फैसला?
रेलवे को लंबे समय से ट्रेनों में अवैध वेंडर्स की शिकायतें मिल रही थीं। कई बार ऐसे लोग बिना अनुमति के खाने-पीने का सामान बेचते पाए गए,जिससे यात्रियों की सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों पर सवाल खड़े होते थे। इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई को और सख्त करने का फैसला किया है। अब केवल अधिकृत विक्रेताओं को ही ट्रेन में सामान बेचने की अनुमति होगी।
TTE को भी मिली नई जिम्मेदारी
इस बार सिर्फ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ही नहीं, बल्कि टिकट जांच करने वाले TTE को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। अगर किसी ट्रेन में कोई अनधिकृत विक्रेता दिखाई देता है, तो TTE उसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों और RPF को देंगे। इसके बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी। रेलवे का मानना है कि इससे अवैध वेंडर्स पर तेजी से रोक लगाई जा सकेगी।
आपका क्या फायदा होगा?
रेलवे में अवैध वेंडर्स का मुद्दा नया नहीं है। कई सालों से यह समस्या चुनौती बनी हुई है। हालांकि, समय-समय पर कार्रवाई होती रही है, लेकिन पूरी तरह रोक लगाना आसान नहीं रहा। अब रेलवे ने TTE और सुरक्षा एजेंसियों दोनों को एक साथ जिम्मेदारी देकर इस समस्या पर काबू पाने की नई कोशिश शुरू की है। इस नए नियम का सीधा फायदा यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। सबसे पहले, यात्रियों को ज्यादा भरोसेमंद और क्वॉलिटी वाले फूड आइटम्स मिलेंगे। दूसरा, संदिग्ध लोगों की आवाजाही कम होने से सुरक्षा बेहतर होगी। साथ ही ट्रेन में सफाई और सेवा की गुणवत्ता भी सुधर सकती है।
अगर बिना आईडी वाला कोई सामान बेचता दिखे तो क्या करें?
- ट्रेन में मौजूद TTE या आरपीएफ को जानकारी दें।
- रेल मदद हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज करें


