Kotak Mahindra Bank ने नया Hybrid Home Loan लॉन्च किया है। इसमें ग्राहक 65 महीने तक तय ब्याज दर पर EMI चुका सकेंगे। इसके बाद लोन फ्लोटिंग रेट में बदल जाएगा। जानें इस स्कीम के फायदे, नियम और किन ग्राहकों के लिए यह बेहतर है।
प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक ने होम लोन लेने वालों के लिए एक खास पेशकश की है. बैंक ने एक नया 'हाइब्रिड होम लोन' प्रोडक्ट लॉन्च किया है, जो ग्राहकों को शुरुआती कुछ सालों के लिए बढ़ती ब्याज दरों की चिंता से मुक्त रखेगा. इस स्कीम के तहत, ग्राहक 65 महीने यानी करीब साढ़े पांच साल तक के लिए अपनी होम लोन की ब्याज दर को फिक्स करा सकते हैं.
क्या है ये हाइब्रिड होम लोन?
जैसा कि नाम से ही जाहिर है, यह लोन फिक्स्ड और फ्लोटिंग, दोनों तरह की ब्याज दरों का एक मिला-जुला रूप है. कोटक बैंक के इस ऑफर में ग्राहक लोन लेने के बाद शुरुआती 65 महीनों तक एक तय ब्याज दर पर अपनी EMI का भुगतान करेंगे. इस अवधि के दौरान बाजार में ब्याज दरें चाहे कितनी भी घटें या बढ़ें, उनकी EMI पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
यह फिक्स्ड रेट की अवधि पूरी हो जाने के बाद, लोन अपने आप फ्लोटिंग रेट सिस्टम में बदल जाएगा. इसका मतलब है कि 65 महीने के बाद आपकी EMI की दर, बैंक के एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ी होगी और बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ बदलेगी. तो हुआ न ये एक कमाल का जुगाड़.
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ग्राहकों को इससे क्या फायदा होगा?
इस हाइब्रिड लोन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह घर खरीदारों को एक लंबी अवधि के लिए वित्तीय स्थिरता देता है. अक्सर लोग होम लोन तो ले लेते हैं, लेकिन RBI द्वारा रेपो रेट में बदलाव के बाद EMI बढ़ने के डर से परेशान रहते हैं. यह प्रोडक्ट इसी अनिश्चितता को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है.
खासकर उन लोगों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है जो अपने करियर की शुरुआत में हैं या फिर अगले कुछ सालों के लिए अपने खर्चों को लेकर एक निश्चित योजना बनाना चाहते हैं. 65 महीने का समय काफी लंबा होता है, और इतने समय तक EMI का फिक्स रहना किसी भी परिवार के बजट के लिए एक बड़ी राहत की बात है. इससे उन्हें अपने बाकी के वित्तीय लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी.
कुल मिलाकर, कोटक बैंक का यह कदम उन होम लोन ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए है जो बाजार के जोखिम से बचना चाहते हैं. यह उन्हें एक तय अवधि के लिए मानसिक शांति देता है कि उनकी जेब पर EMI का बोझ अचानक नहीं बढ़ेगा.
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