अडानी विल्मर का मुनाफा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 104% बढ़कर 411 करोड़ रुपये हो गया। रिजल्ट के बाद शेयरों में तेजी देखी गई। गौतम अडानी इसी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाह रहे हैं।

Adani Wilmar Quarter 3 Results: गौतम अडानी अपनी जिस कंपनी की हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं, उसी ने उन्हें मालामाल कर दिया है। हम बात कर रहे हैं अडानी विल्मर की, जिसने हाल ही में अपने तिमाही नतीजे जारी किए। वित्त वर्ष 2025 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी का मुनाफा 100 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ गया है।

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104% बढ़ा अडानी विल्मर का प्रॉफिट

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 104 प्रतिशत बढ़कर 411 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं, ऑपरेशन से राजस्व 31 प्रतिशत बढ़कर 16,859 करोड़ रुपए हो गया है। पिछली तिमाही के मुकाबले अडानी विल्मर का मुनाफा 32 प्रतिशत जबकि रेवेन्यू 17% बढ़ा है। बता दें कि गौतम अडानी अपनी इस कंपनी की 44% हिस्सेदारी बेचना चाह रहे हैं।

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तिमाही नतीजों के बाद रॉकेट बना शेयर

रिजल्ट के बाद अडानी विल्मर के शेयरों में सोमवार 27 जनवरी को शानदार तेजी दिखी। स्टॉक 3.71 प्रतिशत उछलकर 261.20 रुपए पर बंद हुआ। इंट्रा डे के दौरान एक समय शेयर 270 रुपए के लेवल तक पहुंच गया था। वहीं, निचले स्तर पर इसने 240.95 का लेवल भी छुआ। बता दें कि स्टॉक का 52 वीक हाइएस्ट लेवल 408.95 रुपए है, जबकि 52 हफ्तों का निचला स्तर 240.95 है। कंपनी का मार्केट कैप 33,947 करोड़ रुपए है।

कंपनी में अडानी और विल्मर की बराबर हिस्सेदारी

अडानी विल्मर में अडानी ग्रुप की 44 प्रतिशत जबकि सिंगापुर की विल्मर एंटरप्राइजेज की भी इतनी ही हिस्सेदारी है। अडानी ग्रुप की मुख्य कंपनी Adani Enterprises ने हाल में 2 अरब डॉलर की डील के जरिए विल्मर के साथ अपने 25 साल पुराने जॉइंट वेंचर से बाहर निकलने का ऐलान किया था। अडानी इस डील से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल एनर्जी, यूटिलिटी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनेस को बढ़ाने में करना चाहते हैं। हालांकि, जिस कंपनी में वो अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं, उसी ने उन्हें मालामाल कर दिया है।

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