क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त अवधि का मतलब क्या है? जानिए कैसे बचें अतिरिक्त ब्याज से और समझें बिलिंग चक्र का गणित।

गर आपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल शुरू किया है, तो अलग-अलग खर्चों के लिए इसका इस्तेमाल करना आम बात है। बिल भुगतान से लेकर सामान खरीदने तक, जब आप कार्ड का use करते हैं, तो 45 दिनों तक क्रेडिट कार्ड बकाया पर कोई ब्याज नहीं लगता। लेकिन, इस अवधि के बाद, 2-3% प्रति माह तक का उच्च ब्याज लगता है, यह बात ध्यान रखना ज़रूरी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि ब्याज सिर्फ़ ब्याज मुक्त अवधि खत्म होने के बाद से नहीं, बल्कि लेन-देन की तारीख से ही लगता है। अतिरिक्त ब्याज से बचने के लिए, क्रेडिट कार्ड बिल का जल्द से जल्द भुगतान करना बेहतर होता है।

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ब्याज मुक्त अवधि

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय, कार्ड कंपनी या बैंक बिल भुगतान के लिए 45 दिनों की ब्याज मुक्त अवधि देता है। इस दौरान बैंक को कोई ब्याज नहीं देना होता। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि क्रेडिट कार्ड की बिलिंग अवधि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक है और भुगतान की आखिरी तारीख 15 मई है। अगर आप 1 अप्रैल को कोई लेन-देन करते हैं, तो 15 मई तक बिल चुकाकर आप 45 दिनों की ब्याज मुक्त अवधि का लाभ उठा सकते हैं।

वहीं, अगर आप 30 अप्रैल को कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो इस खास लेन-देन के लिए आपको सिर्फ़ 15 दिनों की ब्याज मुक्त अवधि मिलेगी। इसलिए, ब्याज मुक्त अवधि की लंबाई दो बातों पर निर्भर करती है: लेन-देन की तारीख और बिल की आखिरी तारीख। 1 अप्रैल और 30 अप्रैल के बीच किए गए सभी लेन-देन को मिलाकर 15 मई को भेजे जाने वाले अंतिम बिल में जोड़ा जाएगा। जैसा कि ऊपर बताया गया है, अगर आप 1 अप्रैल को किए गए लेन-देन के बिल का आंशिक भुगतान करते हैं, तो ब्याज 15 मई से नहीं, बल्कि 1 अप्रैल से ही शुरू हो जाएगा।