किसानों के लिए कर्ज की सीमा को ₹5 लाख तक बढ़ाने का फैसला केंद्र सरकार ने लिया है। इस खबर में पूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

2025-26 के केंद्रीय बजट को 1 फरवरी को सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेश करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार कार्यभार संभालने के बाद यह दूसरा बजट होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाने वाला यह आठवां केंद्रीय बजट होगा।

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केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने को लगातार प्राथमिकता दे रही है। पिछले बजटों की तरह, इस बजट में भी कृषि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ होने की उम्मीद है। जैसे कि किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाना, कृषि उत्पादों पर जीएसटी कम करना और कृषि आवंटन बढ़ाना।

किसान क्रेडिट कार्ड

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा को केंद्र सरकार ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर सकती है। इससे किसानों की आय क्षमता में काफी वृद्धि होगी और वे अपनी कृषि गतिविधियों में अधिक निवेश कर सकेंगे। किसान, पशुपालक, मछुआरे आदि किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए बैंकों से कम ब्याज पर आसानी से कर्ज ले सकते हैं। यह कर्ज सीमा अभी ₹3 लाख है, जिसे बढ़ाकर ₹5 लाख करने की घोषणा बजट में हो सकती है।

कृषि उत्पादों पर जीएसटी में कमी

बीज और उर्वरक जैसे कृषि आदानों पर जीएसटी कम करने का फैसला केंद्र सरकार ने लिया है। अभी बीज और उर्वरकों पर अलग-अलग ज्यादा जीएसटी होने से किसानों को परेशानी होती है। इन्हें कम करने से किसानों का मुनाफा बढ़ सकता है। इस बारे में बजट में घोषणा हो सकती है।

कृषि योजनाओं के लिए बजट आवंटन में वृद्धि

पिछले बजट में कृषि संबंधी योजनाओं के लिए ₹65,529 करोड़ का बजट आवंटन किया गया था। कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों के समर्थन पर सरकार के निरंतर ध्यान को दर्शाते हुए, आगामी केंद्रीय बजट में कृषि संबंधी योजनाओं के लिए बजट आवंटन में 5% से 7% की वृद्धि होने की उम्मीद है।