RBI की वार्षिक रिपोर्ट में भारत की आर्थिक ग्रोथ को लेकर सकारात्मक अनुमान, लेकिन महंगाई दर और बैंक धोखाधड़ी के मामलों पर भी चिंता जताई गई है। सोने के भंडार में बढ़ोतरी और नोट छापने के खर्च में इजाफे पर भी प्रकाश डाला गया।

RBI Annual Report 2025: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा कि देश वित्त वर्ष 2025-26 में भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। भारत की रियल जीडीपी 6.5% की दर से आगे बढ़ेगी। केंद्रीय बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था अपने मजबूत आर्थिक बुनियादी ढांचे,फाइनेंशियल सेक्टर और सस्टेनेबल ग्रोथ के चलते चालू वित्त वर्ष में भी दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली इकोनॉमी बनी रहेगी। जानते हैं RBI की एनुअल रिपोर्ट की 5 बड़ी बातें।

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1- 4% के आसपास रह सकती है महंगाई दर

RBI का कहना है कि खुदरा महंगाई दर 4% के आसपास रहने का अनुमान है, जो आरबीआई के लक्ष्य (4% ± 2%) की रेंज में ही है। इस दायरे में महंगाई दर के बने रहने का मतलब है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतें कंट्रोल में रहेंगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।

2- RBI ने 2024 में 72.6 टन सोना खरीदा

रिजर्व बैंक ने 2024 में 72.6 टन सोना खरीदा। साथ ही 2025 के जनवरी-फरवरी में 2.8 टन और खरीदा। इसके साथ ही अब भारत के पास कुल 879.58 टन स्वर्ण भंडार है। यानी भारत पूरी दुनिया में गोल्ड रिजर्व के मामले में 7वां बड़ा देश है। सबसे ज्यादा गोल्ड रिजर्व अमेरिका, जर्मनी, इटली, फ्रांस, चीन और स्विट्जरलैंड के पास है।

3- बैंक धोखाधड़ी के मामलों में आई कमी

2024-25 में रिपोर्ट किए गए बैंक फ्रॉड की संख्या में गिरावट आई है। हालांकि, इसके बाद भी फ्रॉड की वैल्यू पिछले साल की तुलना में करीब 3 गुना बढ़ गई है। 2024-25 में बैंक फ्रॉड के कुल 23,953 मामले सामने आए, जो पिछले वित्त वर्ष के 36,060 से कम हैं। लेकिन इसमें शामिल रकम 12230 करोड़ से बढ़कर 36014 करोड़ पहुंच गई।

4- नोट छापना हुआ महंगा

रिजर्व बैंक ने बताया कि नोट छापने का खर्च बढ़ गया है। 2024-25 में इसे 25% का इजाफा हुआ है और ये 6372.8 करोड़ रुपए पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में ये खर्च 5101.4 करोड़ रुपए था। RBI का कहना है कि कागज, स्याही, और सिक्योरिटी फीचर्स की कॉस्ट बढ़ने ये चलते नोट छापना महंगा हो रहा है।

5- घरेलू बचत में बढ़ोतरी, 2023-24 में बढ़कर 6.1% हुई

RBI ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शेयर और डिबेंचर, बैंक डिपॉजिट, प्रोविडेंट फंड और पेंशन फंड जैसी एसेट्स में कुल घरेलू बचत में बढोतरी हुई है। 2022-23 में घरेलू बचत ग्रॉस नेशनल डिस्पोजेबल इनकम (GNDI) का 10.7% थी, जो 2023-24 में 11.2% पहुंच गई।