इस संबंध में Adani group की ओर से एक बयान भी जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि इन्वेस्टर्स का वापस भरोसा जीतने के लिए ग्रुप ने समय से पहले 2.65 अरब डॉलर का लोन चुका दिया।

बिजनेस डेस्क. अडानी ग्रुप हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुए घाटे की भरपाई इस तेजी से कर रहा है, जिसे देखकर लग रहा है कि इस रिपोर्ट से अडानी ग्रुप को नुकसान कम फायदा ज्यादा हो गया हो। लगातार आसमान छूते शेयर के दामों के बाद अडानी ग्रुप से एक और खुशखबरी सामने आई है। ग्रुप ने शेयरों पर लिए 2.65 अरब डॉलर के लोन को टाइम लिमिट से पहले ही चुका दिया है। इससे पहले खबर आ रही थी कि अडानी ग्रुप अपने कर्ज को चुकाने के लिए अंबुजा सीमेंट में अपनी 4 प्रतिशत की हिस्सेदारी बेच सकता है।

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इन्वेस्टर्स का भरोसा जीतने के लिए उठाया कदम

इस संबंध में Adani group की ओर से एक बयान भी जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि इन्वेस्टर्स का वापस भरोसा जीतने के लिए ग्रुप ने समय से पहले 2.65 अरब डॉलर का लोन चुका दिया, जिसकी डेडलाइन 31 मार्च थी। बयान के मुताबिक 2.15 अरब डॉलर का ये लोन ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों में स्टॉक गिरवी रखकर लिया गया था। बताया गया कि प्रमोटर्स का अब अंबुजा सीमेंट और एसीसी के 6.6 अरब डॉलर की कुल अधिग्रहण वैल्यू में 2.6 अरब डॉलर का निवेश है।

जीक्यूजी पार्टनर्स ने जताया भरोसा

यूएस शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग द्वारा अडानी ग्रुप के खिलाफ नेगेटिव रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद निवेशक पीछे हटने लगे थे, जिससे ग्रुप को भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद इन्वेस्टमेंट फर्म जीक्यूजी पार्टर्नर्स ने अडानी ग्रुप की 3 कंपनियों में ब्लॉक डील्स के जरिए 15 हजार 446 करोड़ रु के शेयर खरीदेकर सबसे बड़ा इन्वेसटमेंट कर डाला। इसके अलावा अडानी ग्रुप ने अपने बयान में कहा कि प्रमोटर्स ने अंबुजा सीमेंट के अधिग्रहण में लिए गए 500 मिलियन डॉलर का भी समय से पहले भुगतान कर दिया है।

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