सार
Government Pension Schemes in India: भारत में बुढ़ापे के लिए कई सरकारी पेंशन योजनाएं हैं, जैसे NPS, APY, और PM-SYM। जानिए कौन सी योजना आपके लिए सही है और कैसे करें आवेदन।
Government Pension Schemes: लोगों को बुढ़ापे में आर्थिक मदद मिल सके इसके लिए भारत में कई सरकारी पेंशन योजनाएं चल रहीं हैं। इनमें NPS (National Pension System), APY (Atal Pension Yojana) और असंगठित क्षेत्र और वरिष्ठ नागरिकों के लिए योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं की पात्रता और आवेदन प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
National Pension System (NPS)
NPS भारत सरकार द्वारा शुरू की गई रिटायरमेंट बेनिफिट स्कीम है। इसका उद्देश्य सभी ग्राहकों को रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी की सुविधा देना है। PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) NPS के लिए गवर्निंग बॉडी है।
NPS की मुख्य विशेषताएं और लाभ
NPS यूनिक PRAN (Permanent Retirement Account Number) पर आधारित है। यह प्रत्येक ग्राहक को दी जाती है। बचत को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने इस योजना को सुरक्षा के दृष्टिकोण से आश्वस्त किया है। NPS खाताधारकों को कुछ आकर्षक लाभ मिलते हैं।
रेगुलेटेड: NPS को PFRDA द्वारा रेगुलेट किया जाता है। यह पारदर्शी मानदंड सुनिश्चित करता है। NPS ट्रस्ट नियमित निगरानी के माध्यम से दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हैं।
स्वैच्छिक: यह भारत के सभी नागरिकों के लिए एक स्वैच्छिक योजना है। आप अपने NPS खाते में किसी भी समय कोई भी राशि निवेश कर सकते हैं।
लचीलापन: आपके पास POP (Point of Presence), निवेश पैटर्न और फंड मैनेजर को चुनने या बदलने की सुविधा है।
किफायती: एनपीएस सबसे कम लागत वाले निवेश प्रोडक्ट्स में से एक है।
पोर्टेबिलिटी: रोजगार, शहर या राज्य बदलने पर भी एनपीएस खाता या PRAN एक ही रहेगा।
पेंशन फंड ट्रांसफर: NPS खाताधारक अपने पेंशन फंड को टैक्स दिए बिना अपने NPS अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं।
टैक्स में छूट: आप धारा 80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपए तक की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। यह लाभ धारा 80C के तहत 1,50,000 रुपए की सीमा से अधिक है।
आप अपने मूल वेतन + महंगाई भत्ते का 10% तक निवेश कर सकते हैं। धारा 80CCD (1) के तहत निवेश की गई राशि पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। यह कर छूट आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत 1,50,000 रुपए की सीमा के अधीन है।
आप अपनी सकल वार्षिक आय का 20% तक निवेश कर सकते हैं और धारा 80CCD (1) के तहत निवेश की गई राशि पर कर छूट का दावा कर सकते हैं। यह कर छूट आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत 1,50,000 रुपए की सीमा के अधीन है।
NPS के लिए पात्रता: 18 से 70 साल के भारतीय नागरिकों (निवासी, अनिवासी या भारत के विदेशी नागरिक) NPS खाता खुलवा सकते हैं।
आवेदन: NPS अकाउंट e-NPS या प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) के माध्यम से ऑनलाइन खोला जा सकता है।
दस्तावेज: पैन कार्ड, पते का प्रमाण और बैंक खाते का विवरण लगेगा।
अटल पेंशन योजना (APY)
अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिन्हें रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम से बाहर रखा गया है। अटल पेंशन योजना से आपको हर महीने पेंशन मिलेगा। घरेलू नौकरानियां, ड्राइवर, माली, सब्जी विक्रेता आदि भी इसका लाभ उठा सकते हैं। इस योजना में योगदान करने पर 60 साल के बाद मासिक पेंशन दी जाती है। इस योजना के तहत हर महीने 1 हजार रुपए से 5000 रुपए तक पेंशन मिलती है।
अटल पेंशन योजना के लिए पात्रता
- योगदानकर्ता की उम्र 18 से 40 वर्ष होनी चाहिए
- बैंक खाता होना चाहिए
- भारतीय नागरिक होना चाहिए
- पहचान सत्यापन के लिए आधार से जुड़ा बैंक खाता बेहतर है
- वैध मोबाइल नंबर होना चाहिए
अटल पेंशन योजना में कितना करना होगा योगदान?
मासिक अंशदान इस बात पर निर्भर करता है कि योगदानकर्ता अटल पेंशन योजना में नामांकन के समय कितनी उम्र का है और उसे कितना पेंशन चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 28 साल का है और उसे 4,000 रुपये प्रति माह की मासिक पेंशन चाहिए तो उसे 20 साल तक 388 रुपए प्रति माह का अंशदान करना होगा। इसी तरह, अगर कोई व्यक्ति 35 साल का है और उसे 2,000 रुपए प्रति माह की पेंशन चाहिए तो उसे 363 रुपए प्रति माह का अंशदान करना होगा। योगदानकर्ता की उम्र बढ़ने के साथ-साथ मासिक अंशदान भी बढ़ता रहता है।
कैसे करें अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन
अटल पेंशन योजना के लिए बैंक में आवेदन देना होगा। आपको अटल पेंशन योजना खाता खोलना होगा। इसके लिए बैंक में फॉर्म भरकर जमा करें। वेरिफिकेशन के लिए आधार कार्ड की एक कॉपी लगाएं।
पीएम-एसवाईएम (Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-Dhan)
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन एक सरकारी योजना है। इसका उद्देश्य असंगठित श्रमिकों (UW) को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देना है। UW में ज्यादातर घर से काम करने वाले, रेहड़ी-पटरी वाले, मिड-डे मील कामगार, सिर पर बोझा ढोने वाले, ईंट भट्ठा कामगार, मोची, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामगार, धोबी, रिक्शा चालक, भूमिहीन मजदूर, खेतिहर मजदूर, निर्माण कामगार, बीड़ी कामगार, हथकरघा कामगार, चमड़ा कामगार या इसी तरह के अन्य व्यवसायों में काम करने वाले मजदूर आते हैं। भारत में ऐसे लगभग 42 करोड़ असंगठित कामगार हैं।
PM-SYM स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इसमें लाभार्थी को 60 साल की उम्र के बाद प्रति माह 3000 रुपए की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन मिलती है। लाभार्थी की मौत होने पर उसके पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन के रूप में पेंशन का 50% मिलता है। पारिवारिक पेंशन केवल पति या पत्नी को ही मिलेगा।
PM-SYM की परिपक्वता पर व्यक्ति को 3000 रुपए की मासिक पेंशन प्राप्त करने का अधिकार होता है। 18 से 40 साल के आवेदकों को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक 55 रुपये से 200 रुपये प्रति माह का मासिक अंशदान करना होता है। आवेदक की आयु 60 वर्ष हो जाने पर वह पेंशन राशि का दावा कर सकता है। हर महीने एक निश्चित पेंशन राशि संबंधित व्यक्ति के पेंशन खाते में जमा की जाती है।
PM-SYM के लिए पात्रता मापदंड
- असंगठित कामगार (UW) होना चाहिए
- उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच हो
- मासिक आय 15000 रुपए या उससे कम
- अगर कोई व्यक्ति ईपीएफओ/एनपीएस/ईएसआईसी का सदस्य है तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- इनकम टैक्स देने वाले को भी लाभ नहीं मिलेगा।
- PM-SYM पेंशन अकाउंट खुलवाने के लिए आधार कार्ड, IFSC कोड सहित सेविंग बैंक अकाउंट या जन धन खाता संख्या देनी होगी।
IGNOAPS (Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme)
IGNOAPS राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) की 5 उप-योजनाओं में से एक है। इसके तहत, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक आवेदन करने के पात्र हैं। 79 वर्ष तक ₹200 और उसके बाद ₹500 मासिक पेंशन दी जाती है।
भारत सरकार ने 15 अगस्त 1995 को NSAP (National Social Assistance Programme) की शुरुआत की थी। यह पूरी तरह से वित्तपोषित केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका लक्ष्य निराश्रित लोगों को टारगेट करना है। यह ऐसे लोगों के लिए है जिनके पास अपने स्वयं के आय स्रोत या परिवार के सदस्यों या अन्य स्रोतों से वित्तीय सहायता के माध्यम से जीवनयापन का कोई नियमित साधन नहीं है। इन लोगों की पहचान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा की जानी है। इसका उद्देश्य बुनियादी स्तर की वित्तीय सहायता प्रदान करना है। NSAP का संचालन ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी लागू किया जा रहा है।
IGNOAPS के लिए पात्रता: गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले भारतीय नागरिक, जिनकी उम्र कम से कम 60 वर्ष है।
कैसे करें IGNOAPS के लिए आवेदन: आप उमंग ऐप या वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
IGNOAPS के लिए दस्तावेज: आधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र।
IGNDPS (Indira Gandhi National Disability Pension Scheme)
IGNDPS (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना) ऐसे लोगों के लिए है जिनकी उम्र 18 साल या इससे अधिक है। 80फीसदी या इससे अधिक विकलांगता है और गरीबी रेखा से नीचे हैं। इस योजना से 18-79 साल के दिव्यांगजनों को 300 रुपए प्रतिमाह पेंशन दिया जाता है। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के दिव्यांगजनों को 500 रुपए प्रतिमाह पेंशन मिलता है।
कैसे करें IGNDPS के लिए आवेदन
IGNDPS के लिए ऑनलाइन आवेदन देना है तो आप यह काम UMANG App से कर सकते हैं। या https://web.umang.gov.in/web_new/home पर जाएं। नागरिक मोबाइल नंबर और ओटीपी का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं। एक बार लॉग इन करने के बाद आपको NSAP खोजना होगा। इसके बाद "ऑनलाइन आवेदन करें" पर क्लिक करें। मांगी जा रही जानकारी भरें, पेंशन के भुगतान का तरीका चुनें, फोटो अपलोड करें और "सबमिट" पर क्लिक करें।
ऑफलाइन आवेदन करना हो तो आप अपनी पात्रता के अनुसार पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत/ब्लॉक ऑफिस तथा शहरी क्षेत्र में नगर पालिका/नगर परिषद में जमा कर सकते हैं।