पाकिस्तान ने गुरुवार रात भारत पर मिसाइल और ड्रोन अटैक की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने हर हमले को नाकाम किया। जवाबी कार्रवाई में भारत ने सिर्फ बॉर्डर पर ही नहीं, आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान को घेर लिया है।  

India Pakistan Conflict : गुरुवार, 8 मई की रात पाकिस्तान ने जो किया, उससे बात अब सिर्फ बॉर्डर तक नहीं रह जाएगी। भारत ने पाकिस्तान का दिमाग ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली है। भारत ने इस बार ठान लिया है कि आतंक को पालने वालों का राशन-पानी बंद करना ही पड़ेगा। आज 9 मई को वॉशिंगटन में IMF की बड़ी बैठक है, जिसमें पाकिस्‍तान के एक्‍टेंडेड फंडिंग फैसिलिटी (EFF) की समीक्षा होगी। इसके बाद ही तय होगा कि पाक को 1.3 अरब डॉलर यानी करीब 11,300 करोड़ रुपए का बेलआउट पैकेज दिया जाए या नहीं। भारत इस आर्थिक पैकेज का विरोध करेगा।

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आतंक की फंडिंग मशीन नहीं बन पाएगा पाकिस्तान

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने साफ कहा है कि भारत के कार्यकारी निदेशक IMF की बोर्ड मीटिंग में डंके की चोट पर पाकिस्तान के खिलाफ बोलेंगे। भारत का स्टैंड सीधा है- 'जो पैसा तरक्की के नाम पर लिया जाता है लेकिन उससे आतंक को फंडिंग नहीं होने दिया जाएगा।' अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत, पाकिस्तान को मिलने वाले आर्थिक पैकेज पर अपना स्टैंड क्लियर करेगा।

पाकिस्तान कितनी बार ले चुका है बेलआउट पैकेज

IMF के रिकॉर्ड बताते हैं कि पाकिस्तान अब तक 24 बार बेलआउट पैकेज ले चुका है। फिर भी हालत वहीं की वहीं बनी है। पड़ोसी मुल्क में ना महंगाई थमी, ना बुनियादी सुविधाएं सुधरीं। उल्टे आतंकवादी संगठन पाले जा रहे हैं।

पाकिस्तान को कर्ज नहीं मिला तो क्या होगा

पाकिस्तान इस वक्त जिस नकदी संकट से जूझ रहा है, उसमें IMF का कर्ज उसके लिए आखिरी सहारा है, लेकिन भारत इसका विरोध करने जा रहा है। अगर ऐसा होता है और पाकिस्तान को मदद नहीं मिलती है तो उसका संकट बढ़ सकता है। दरअसल, पाकिस्तान पिछले 3-4 महंगाई और चरमराती अर्थव्यवस्था से जूझ रहा है। वह IMF ही नहीं कई देशों से मदद मांग चुका है। आईएमएफ ने तो उसकी इकनॉमिक स्‍टेबिलिटी के लिए बेलआउट पैकेज भी दिया है। भारत पहले भी कह चुका है कि पाकिस्‍तान इस मदद फंड का इस्‍तेमाल तरक्की के लिए नहीं आतंकी संगठनों को बढ़ाने में करता है, इसलिए उसकी मदद रोकनी चाहिए।