हबस्पॉट की CEO यामिनी रंगन ने बताया कैसे वो शुक्रवार रात और शनिवार काम से ब्रेक लेकर, रविवार को अपना काम निपटाकर वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखती हैं। जानिए करोड़ों की कंपनी की CEO का सीक्रेट।

करोड़ों की संपत्ति वाली एक टेक कंपनी की CEO अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को कैसे बैलेंस करती है, ये बताने वाला एक नोट वायरल हो रहा है। इस अमेरिकी टेक कंपनी की भारतीय मूल की CEO ने बताया कि वो रविवार को भी काम करती हैं, फिर भी अपनी लाइफ को बैलेंस कैसे रखती हैं। 34 बिलियन डॉलर की सॉफ्टवेयर कंपनी हबस्पॉट की CEO यामिनी रंगन ने अपने अनुभव साझा किए।

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द ग्रिट पॉडकास्ट में बात करते हुए उन्होंने बताया कि वो शुक्रवार रात और शनिवार को काम से पूरी तरह ब्रेक लेती हैं। इस दौरान वो ऑफिस से जुड़े किसी भी काम में शामिल नहीं होतीं। इस समय वो अपने पति, जो गोल्डमैन सैक्स में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, के साथ बिताती हैं। वहीं, रविवार को वो अपने हफ्ते की शुरुआत करती हैं और इसे अपना पर्सनल वर्किंग डे मानती हैं।

उन्होंने कहा, "मुझे रविवार को काम करने में कोई दिक्कत नहीं है, मुझे इससे मज़ा आता है। मुझे काम से दूर रहने में दिक्कत होती है। फिर भी, मैं शुक्रवार रात और पूरा शनिवार छुट्टी लेती हूँ।" इस दौरान वो अपने पति के साथ घूमने, योगा, मेडिटेशन और पढ़ने में समय बिताती हैं। "मैं क्या सीख रही हूँ, क्या कर रही हूँ, क्या सोच रही हूँ, क्या लिख रही हूँ, ये तय करने का मौका मिलता है। ये पूरी तरह से मेरा अपना शेड्यूल होता है।"

उन्होंने बताया कि जब वो ब्रेक नहीं लेती थीं, तो उन्हें थकान महसूस होती थी। इसलिए शनिवार उनके लिए बहुत कीमती है। हालाँकि वो रविवार को काम करती हैं, लेकिन वो ये नहीं चाहतीं कि उनके कर्मचारी मेल्स का जवाब दें। वो रविवार को आने वाले मेल्स को शेड्यूल करती हैं ताकि वो सोमवार सुबह इनबॉक्स में पहुँच जाएँ। आम दिनों में वो सुबह 6 बजे काम शुरू करती हैं और 7 बजे कॉन्फ्रेंस कॉल्स में शामिल होती हैं। वो रात 11 बजे तक काम करती हैं।

यामिनी कोविड से ठीक पहले इस मार्केटिंग सॉफ्टवेयर कंपनी में शामिल हुई थीं। सितंबर 2021 में वो हबस्पॉट की CEO बनीं। उन्होंने ड्रॉपबॉक्स, वर्कड़े, एसएपी जैसी बड़ी कंपनियों में भी लीडरशिप पदों पर काम किया है। उनका जन्म और पालन-पोषण दक्षिण भारत में हुआ। उन्होंने भारतीयार यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 21 साल की उम्र में अमेरिका चली गईं। उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले के हास स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया। 26 मिलियन डॉलर की सैलरी के साथ, वो अमेरिका में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय मूल की CEOs में से एक हैं।