Share Market Prediction: ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी, भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कंपनियों के तिमाही नतीजे और कच्चे तेल की कीमतें इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करेंगी। FII की नज़र भी बाजार पर रहेगी।

Stock Market Prediction: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 193 प्वाइंट, जबकि निफ्टी 55 अंकों की बढ़त के साथ क्लोज हुआ था। ऐसे में अब सोमवार 7 जुलाई से शुरू हो रहे नए वीक में बाजार की चाल कैसी रहेगी, ये सवाल हर किसी के मन में है। जानते हैं वो कौन-से फैक्टर होंगे, जो बाजार की दिशा और दशा तय करेंगे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

1- ट्रंप टैरिफ डेडलाइन

9 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के 90 दिनों का वक्त खत्म हो रहा है। तीन महीने पहले ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का फैसला लिया था, जिसे अप्रैल 2025 में टाल दिया गया था। ऐसे में इस हफ्ते निवेशक बाजार में बेहद फूंक-फूंककर ही कदम रखेंगे।

2- भारत-अमेरिका ट्रेड डील

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अब तक चीन, ब्रिटेन और वियतनाम जैसे देशों के साथ ट्रेड डील कर चुका है। ऐसे में उम्मीद है कि भारत के साथ भी इसे जल्द पूरा किया जाएगा। अगर दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता पॉजिटिव रहता है तो इससे शेयर मार्केट एक नई ऊंचाई की तरफ भी बढ़ सकता है।

3- कंपनियों के तिमाही नतीजे

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही खत्म होते ही कई कंपनियां नतीजे जारी करने लगी हैं। इसी क्रम में इस हफ्ते सिमंस एनर्जी, एस्सार इंडिया, नेक्टर लाइफसाइंसेज, बर्नपुर सीमेंट, गुजरात होटल्स, सुप्रीम इन्फ्रास्ट्रक्चर, आनंद राठी वेल्थ, टाटा एलेक्सी, टीसीएस, एवेन्यू सुपरमार्ट्स, एलकॉन इंजीनियरिंग जैसी कई कंपनियां तिमाही रिजल्ट जारी करेंगी। इस पर भी बाजार की नजर रहेगी।

4- कच्चे तेल की कीमतें

ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसके साथ ही ओपेक+ ने अगस्त महीने के लिए प्रोडक्शन 5.48 लाख बैरल प्रतिदिन करने पर सहमति जताई है, जो पिछले तीना महीनों के एवरेज तेल उत्पादन से 1.37 लाख बैरल ज्यादा है। ज्यादा उत्पादन से तेल की कीमतों में प्रेशर देखने को मिल सकता है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 68.8 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है।

5- विदेशी संस्थागत निवेशक

सेबी द्वारा हाल ही में अमेरिकी फर्म Jane Street के कारोबार पर बैन लगाने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों के इन्वेस्टमेंट पर बाजार की कड़ी नजर रहेगी। बीते हफ्ते यानी 30 जून से 4 जुलाई के बीच FII ने कैश सेगमेंट में 6605 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू निवेशकों ने 7609 करोड़ रुपए की खरीदारी कर काफी हद तक इस बिकवाली की भरपाई की। ऐसे में इस हफ्ते भी विदेशी निवेशकों की खरीदारी बाजार पर पॉजिटिव असर डाल सकती है।