किसान के बेटे जब कोई बड़ा काम करते हैं तो उनका नाम भी बड़ा होता है। यूपी के गाजीपुर जिले के रहने वाले एक किसान के बेटे ने ऐसा करिश्मा कर दिखाया, जिसे दुनिया सलाम कर रही है।

Who Is Praveen Rajbhar. कहा जाता है कि अच्छी नीयत और सकारात्मक सोच के साथ शुरू किया गया कोई भी काम अच्छे परिणाम ही देता है। यूपी के गाजीपुर के रहने वाले प्रवीण राजभर ने भी इसी तरह अच्छी नीयत से ग्रामीण बच्चों को शिक्षा देने के उद्देश्य से एक स्टार्टअप शुरू किया। यह स्टार्टअप इतना कामयाब हुआ कि आज प्रवीण राजभर करोड़ों की कमाई भी कर रहे हैं ग्रामीण बच्चों को हुनरमंद भी बना रहे हैं। आइए जानते हैं गाजीपुर के इस युवा की प्रेरक कहानी।

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प्रवीण ने बनाया स्किलिंग यू एप

प्रवीण राजभर ने गांव के बच्चों को तकनीकी शिक्षा से लैस करने के उद्देश्य से स्किलिंग यू एप बनाया और अपना स्टार्टअप शुरू किया। इस एप के माध्यम से ऑनलाइन स्किल तकनीक सिखाई जाती है। शिक्षा में आगे बढ़ना हो या फिर रोजगार की जरूरत हो, इस एप पर सही और सटीक जानकारी, मार्गदर्शन किया जाता है। अभी तक लाखों बच्चे इस एप के माध्यम से कामयाबी के रास्ते पर हैं।

क्या है स्किलिंग यू एप और कैसे काम करता है

प्रवीण कुमार राजभर स्किलिंग यू एप के फाउंडर और सीईओ हैं। इस एप के माध्यम से बच्चों की स्पीकिंग स्किल्स, कंप्यूटर स्किल्स, सॉफ्ट स्किल को डेवलप किया जाता है। नौकरी करने की चाहत है तो यह एप आपको उसका भी तरीके बताता है। लॉकडाउन के दौरान प्रवीण ने एप के माध्यम से 25,000 बच्चों को फ्री में शिक्षा दी। प्रवीण का यह स्टार्टअप गूगल के साथ ही मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा 100 प्रॉमिसिंग स्टार्टअप की लिस्ट में शामिल किया गया है। उन्हें गूगल से भी पूरी मदद मिल रही है।

कैसे आया प्रवीण को यह आइडिया

प्रवीण राजभर बताते हैं कि वे हाईस्कूल से ही नौकरी करने लगे थे लेकिन सबसे बड़ी समस्या अंग्रेजी न बोल पाने की थी। फिर इन्होंने खान सर की कोचिंग में एडमिशन लिया और वहां 2 महीने में ही इतनी अंग्रेजी सीख ली कि इंटरव्यू वगैरह आसानी से क्लियर करने लगे। 2006 नें पहली नौकरी लगी और वेतन 3200 रुपए महीना मिलने लगा। फिर एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई, होम क्रेडिट के बाद एमवे से जुड़ गए। बाद में एक बैंक में रीजन हेड बने और लाखों की सैलरी मिलने लगी। लेकिन नौकरी से संतुष्ट नहीं थे। फिर साल 2017 में स्किलिंग यू का विचार आया और इसका डिजाइन उन्होंने तैयार कर लिया।

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