मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जी ग्रुप की विंग सिटी नेटवर्क ने Indusand Bank से भारी भरकम लोन लिया था, लेकिन कंपनी इस लोन को चुकाने में नाकाम हो गई।

बिजनेस डेस्क. Zee एंटरटेन्मेंट के शेयरों ने सोमवार को लगातार छठवें सेशन में भी गिरावट दर्ज की। कंपनी के शेयरों ने अबतक 9.7 प्रतिशत तक का गोता लगा दिया है और पिछले 52 हफ्तों में अपने दिन के सबसे न्यूनतम स्तर 176.65 रु तक की गिरावट दर्ज की। महीने के मध्य में शेयरों में कुछ हद तक सुधार देखा गया था लेकिन एनसीएलटी में केस दायर होने के बाद एक बार फिर Zee Entertainment के शेयर टूट गए। क्यों गिर रहे जी के शेयर?

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इस वजह से गिर रहे Zee Entertainment के शेयर

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जी ग्रुप की विंग सिटी नेटवर्क ने Indusand Bank से भारी भरकम लोन लिया था, लेकिन कंपनी इस लोन को चुकाने में नकाम हो गई, जिसकी वजह से सिटी नेटवर्क को 83 करोड़ का डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया। इस मामले में जी गारंटर बना था। रिकवरी के लिए इंडसंड बैंक ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी NCLT का दरवाजा खटखटाया। जैसे ही NCLT में केस सुनवाई के लिए लिस्ट हुआ जी के शेयर धड़ाम हो गए।

NCLAT ने रोकी इनसॉल्वेंसी प्रॉसेस

बता दें कि नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) द्वारा 24 फरवरी को जी एंटरटेन्मेंट के खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसेस शुरू करने के आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे जी ग्रुप को कुछ हद तक राहत मिली है। Zee के मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत गोयनका की याचिका के बाद इंडसंड बैंक और ZEE के मामले पर सुनवाई की तारीख 29 मार्च को रखी गई है।

ये बोले ZEE के मैनजिंग डायरेक्टर

NCLAT द्वारा जी एंटरटेन्मेंट के खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसेस को रोकने के आदेश के बाद जी के मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत गोयनका ने कहा कि हम NCLAT ट्रिब्यूनल के फैसले का सम्मान करते हैं और साथ ही हम अपने निवेशकों के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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