Diesel Price Today: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद 10 अक्टूबर को भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगभग स्थिर रहीं। मुंबई में रेट मामूली बढ़े हैं, जबकि बाकी बड़े शहरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
Petrol Price Today 10 October 2026: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शनिवार, 10 अक्टूबर को कोई खास बदलाव नहीं हुआ। सरकारी तेल कंपनियों ने सुबह 6 बजे नए रेट जारी किए। अमेरिका-ईरान विवाद और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर ग्लोबल मार्केट में काफी दबाव है, फिर भी भारत के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।
मुंबई में पेट्रोल-डीजल के रेट में कल के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, देश के बाकी बड़े शहरों में कीमतें जस की तस हैं। इससे साफ है कि सरकारी तेल कंपनियां फिलहाल दाम स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं।
10 अक्टूबर को प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट
| शहर | पेट्रोल (प्रति लीटर) | डीजल (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.31 रुपये | 97.97 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.77 रुपये | 99.55 रुपये |
| बेंगलुरु | 111.68 रुपये | 99.56 रुपये |
| हैदराबाद | 116.15 रुपये | 104.23 रुपये |
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
जियो-पॉलिटिकल टेंशन और सप्लाई में रुकावट की आशंका के चलते इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है। गुरुवार को 4% से ज्यादा की तेजी के बाद ब्रेंट क्रूड का भाव 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में टैंकरों पर हमले और मिडिल ईस्ट में अस्थिरता ने सप्लाई का जोखिम और बढ़ा दिया है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है। ऐसे में ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च सीधे तौर पर घरेलू बाजार को प्रभावित करते हैं।
ट्रंप ने किया रूसी डीजल सप्लाई डील का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक अहम समझौते का ऐलान किया है। इसके तहत अमेरिका को रूस से डीजल की सप्लाई मिलेगी। ट्रंप ने बताया कि रूस तुरंत 3,00,000 टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर और आने वाले महीनों में भी सप्लाई जारी रहेगी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। वाशिंगटन स्थित यूक्रेनी दूतावास के एक बयान के मुताबिक, जेलेंस्की ने इसे “एक कमजोर फैसला, दुर्भाग्य से, मजबूत पार्टनर्स का एक कमजोर फैसला” बताया है।
भारतीय वाहन चालकों के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें आगे भी अहम मुद्दा रहेंगी, क्योंकि इंटरनेशनल मार्केट लगातार जियो-पॉलिटिकल बदलावों और सप्लाई की स्थिति पर रिएक्ट कर रहा है।
