केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना में अब तक 19.20 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है इस पेंशन योजना (PMKPY) के तहत 5 करोड़ किसानों को 3 हजार रुपये प्रति महीने पेंशन के रूप में दिए जा रहे हैं

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना में अब तक 19.20 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इस पेंशन योजना (PMKPY) के तहत 5 करोड़ किसानों को 3 हजार रुपये प्रति महीने पेंशन के रूप में दिए जा रहे हैं। इस योजना के तहत अगर लाभ लेने वाले किसान की मौत हो जाती है तो उसकी पत्नी को 50 फीसदी रकम मिलती है। तो अगर आप भी किसान हैं और केंद्र सरकार की इस स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं तो आप भी घर बैठे रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

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कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने संसद को एक लिखित जवाब में बताया कि यह योजना छोटे और सीमान्त किसानों को वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है.

पेंशन निधि का प्रबंधन LIC करता है

कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को 60 साल की उम्र होने पर प्रतिमाह न्यूनतम 3 हजार रुपये पेंशन दी जाती है। उन्होंने बताया की अगर इस योजना के तहत लाभ लेने वाले किसान की मौत हो जाती है तो उसकी पत्नी को 50 फीसदी रकम मिलती है। इस पेंशन निधि का प्रबंधन LIC करता है।

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना के लिए आप किसान कॉल सेंटर नंबर 1800-180-1551 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा सामान्य सेवा केंद्र यानी सीएससी और राज्य के नोडल अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।

इस रजिस्ट्रेशन के लिए किसान को केवल आधार कार्ड और बैंक खाते की डिटेल देनी होगी। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान का किसान पेंशन यूनिक नंबर और पेंशन कार्ड बनाया जाएगा।

पति-पत्नी भी ले सकते है लाभ

इस योजना का लाभ पति-पत्नी भी अलग-अलग 3,000 रुपये की पेंशन लेने का हकदार होंगे। लेकिन, उन्हें पेंशन कोष में अलग से योगदान करना होगा। 60 साल की आयु पूरी होने से पहले किसान की मौत होने पर पति अथवा पत्नी इस योजना को जारी रख सकते हैं। अगर किसान की मौत 60 साल की उम्र पूरा होने के बाद हो जाती है, तो पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन के रूप में मासिक पेंशन का 50 फीसदी यानी 1,500 रुपये की मासिक पेंशन के रूप में दिया जाएगा।

5 साल बाद योजना से बाहर आने की भी सुविधा

इस योजना में 5 साल लगातार तक योगदान करने बाद किसान अपनी मर्जी से इससे बाहर भी आ सकता है। इस दौरान उन्हें उनकी योगदान राशि को पेंशन कोष प्रबंधक जीवन बीमा निगम यानी LIC की ओर से बचत बैंक दरों की ब्याज के साथ वापस कर दिया जाएगा।