यूनाइटेड बैंक के उपभोक्ताओं और शेयरधारकों समेत सभी जुड़े पक्ष इस बात से निराश हैं कि विलय के बाद सामने आने वाली संयुक्त इकाई में उनकी पुरानी पहचान को जगह नहीं दी गयी है

कोलकाता: यूनाइटेड बैंक के उपभोक्ताओं और शेयरधारकों समेत सभी जुड़े पक्ष इस बात से निराश हैं कि विलय के बाद सामने आने वाली संयुक्त इकाई में उनकी पुरानी पहचान को जगह नहीं दी गयी है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बताया।

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केंद्र सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का विलय करने की घोषणा की है। विलय के बाद सामने आने वाला निकाय भारतीय स्टेट बैंक के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। यह विलय एक अप्रैल से प्रभावी होने वाला है।

बंगाल के इतिहास से पुराना जुड़ाव 

यूनाइटेड बैंक के एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘यूनाइटेड बैंक का बंगाल के इतिहास से पुराना जुड़ाव रहा है। इसकी स्थापना 1914 में हुई और तब इसे कोमिला बैंकिंग कॉरपोरेशन कहा जाता था। बाद में यह 1950 में तीन अन्य बैंकों के विलय के बाद यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड बन गया। जब 1969 में बैंकों को राष्ट्रीयकृत किया गया, इसका नाम यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया हो गया।’’

अधिकारी ने कहा कि चूंकि यूनाइटेड बैंक लंबे समय से बंगाल की पहचान के साथ जुड़ा रहा है, अत: संयुक्त इकाई में इसकी पहचान को जगह नहीं मिलने से इससे जुड़े लोगों में निराशा है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)