कोरोना वायरस के कारण ज्यादातर राज्यों ने 10वीं और 12वीं क्लास की परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। रिजल्ट किस आधार पर तैयार होगा इसे लेकर अभी तक मार्किंग क्राइटेरिया नहीं बन पाया है। 

करियर डेस्क. राज्यों द्वारा 12वीं क्लास के बोर्ड एग्जाम रद्द किए जाने की मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि देश के सभी राज्य बोर्ड के लिए एक समान मार्किंग के लिए नीति नहीं बनाई जा सकती है। जस्टिस एएम खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी की बेंच ने कहा हर बोर्ड ऑटोनॉमस और अलग है, इसलिए कोर्ट उन्हें एक जैसी योजना बनाने के लिए निर्देश नहीं दे सकता है।

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हर बोर्ड अपनी योजना बनाए
कोर्ट वे कहा कि सभी राज्यों के लिए एक जैसे निर्देश नहीं दिए जा सकते हैं लेकिन सभी बोर्ड अपनी योजना बनाएं क्योंकि उन्हें इसके बारे में ज्यादा पता है। कोर्ट ने कहा कि बोर्ड के पास सही सलाह देने वाले एक्सपर्ट भी हैं।

31 जुलाई तक जारी करें रिजल्ट
कोर्ट ने सभी राज्य बोर्ड को कहा कि 10 दिनों के अंदर असेसमेंट के लिए योजना बनाते हुए 31 जुलाई तक रिजल्ट जारी करें। इसके साथ ही कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार के 12वीं की परीक्षा कराने (जुलाई में संभावित) के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार के पास इसकी स्पष्ट योजना होनी चाहिए।

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आंध्र में नहीं रद्द हुई है परीक्षा
सीबीएसई, सीआईएससीई, यूपी बोर्ड, एमपी बोर्ड, राजस्थान बोर्ड, पंजाब बोर्ड, हरियाणा बोर्ड समेत देश के कई राज्यों ने बोर्ड परीक्षा रद्द कर है लेकिन आंध्र प्रदेश ने अभी तक 12वीं की परीक्षाएं रद्द नहीं की हैं।