शुभम चौरसिया को 10वीं में बिहार में 8वां स्थान मिला था। इस बार 12वीं साइंस में उन्हें दूसरा स्थान मिला है। शुभम को 500 में से 472 अंक मिले हैं। उनका रिजल्ट 94.4 प्रतिशत है। बेटे की सफलता पर माता-पिता और पूरा परिवार खुश है।

करियर डेस्क : बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी हुआ तो राज्य के होनहारों की मेहनत सामने आई। जहां बेटियों ने टॉपर लिस्ट में जगह बनाई तो बेटों ने भी दबदबा कायम रखा। कहीं दूध बेचने वाले की बेटी ने टॉप किया तो कहीं ऑटो चालक के बेटे ने। बिहार बोर्ड 12वीं साइंस में दूसरा स्थान लाने वाले शुभम चौरसिया ( Bihar Board 12th Science Topper Shubham Chourasia) के घर की माली हालत अच्छी नहीं है लेकिन बेटे ने गरीबी की गोद में बैठकर सफलता प्राप्त की। मंगलवार को जब इंटर के नतीजे घोषित हुए, तब टॉपर लिस्ट में औरंगाबाद के शुभम चौरसिया का नाम भी आया। बेटे की सफलता पर पूरा परिवार खुश है।

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पिता चलाते हैं ऑटो, बेटे ने रचा इतिहास

शुभम चौरसिया का घर औरंगाबाद (Aurangabad) जिले के दाउदनगर शहर के वार्ड 13 दुर्गापुर में है। 12वीं साइंस में उन्हें 500 में से 472 अंक मिले हैं। उनका रिजल्ट 94.4 प्रतिशत है। शुभम दाउदनगर के ही अशोक विद्यालय के छात्र हैं। उनके पिता संतोष कुमार ऑटो चलाते हैं। मां मीरा देवी गृहणी हैं। माता-पिता को जब पता चला कि बेटे ने बिहार ही टॉप कर लिया है तो वे अपने आंसू रोक नहीं पाए और बेटे का माथा चूमते रहे। शुभम ने 10वीं में भी टॉप किया था। तब उन्हें राज्य में 8वां स्थान मिला था।

8 से 10 घंटे पढ़ाई करते हैं शुभम चौरसिया

शुभम की मां ने बेटे की तारीफ करते हुए बताया कि उनका बेटा हर दिन 8 से 10 घंटे पढ़ता है। वह अपनी पढ़ाई को ज्यादा प्रॉयरिटी देता है। मां बताती हैं कि शुभम ने उनसे तीन साल का वक्त मांगा है। शुभम ने अपनी मां से कहा है कि आप मुझे तीन साल दे दो और मुझे पढ़ने दो, मैं सबकुछ बदल दूंगा। मां बताती हैं कि बेटे को लोगों से मिलना-जुलना काफी पसंद है। जब से शुभम का रिजल्ट आया है, तब से घर पर लोगों का आना जाना बढ़ा हुआ है। हर कोई बेटी की सफलता पर उसका हौसला बढ़ा रहा है।

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