रोज इस्तेमाल करते हैं मोबाइल, लेकिन क्या आप जानते हैं इसका शुद्ध हिंदी नाम?
Mobile Ka Hindi Naam Kya Hai: मोबाइल को हिंदी में क्या कहते हैं? जानिए मोबाइल फोन का शुद्ध हिंदी नाम, उसका अर्थ और भारत में मोबाइल की शुरुआत से जुड़ी रोचक बातें।

रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है मोबाइल
आज के समय में मोबाइल फोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह अलार्म से लेकर रात के आखिरी मैसेज तक हर काम मोबाइल से होता है। ऑनलाइन पढ़ाई, शॉपिंग, भुगतान और सोशल मीडिया, सब कुछ मोबाइल पर ही निर्भर है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मोबाइल फोन को हिंदी में क्या कहा जाता है?
मोबाइल का असली हिंदी नाम
मोबाइल फोन को हिंदी में ‘सचल दूरभाष यंत्र’ कहा जाता है। यह नाम सुनने में भले ही थोड़ा कठिन लगे, लेकिन इसका मतलब बेहद आसान है। ‘दूरभाष’ यानी दूर बैठे व्यक्ति से बात करना और ‘यंत्र’ यानी मशीन। वहीं ‘सचल’ का अर्थ है जो आसानी से इधर-उधर ले जाया जा सके।
मोबाइल को सचल क्यों कहा गया?
मोबाइल फोन को सचल इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे जेब या बैग में रखकर कहीं भी ले जाया जा सकता है। आप चलते-फिरते कॉल कर सकते हैं और इंटरनेट चला सकते हैं। यही वजह है कि यह पुराने फोन से बिल्कुल अलग है। मोबाइल ने बातचीत को पूरी तरह आजाद और आसान बना दिया है।
पुराने फोन और आज के मोबाइल में फर्क
पहले जमाने में जो फोन इस्तेमाल होते थे, वे एक ही जगह लगे रहते थे। उन्हें हिंदी में सिर्फ ‘दूरभाष यंत्र’ कहा जाता था। ऐसे फोन को न तो कहीं ले जाया जा सकता था और न ही हर जगह इस्तेमाल किया जा सकता था। आज का मोबाइल इन सीमाओं को तोड़ चुका है।
भारत में मोबाइल की शुरुआत
भारत में मोबाइल सेवा की शुरुआत 31 जुलाई 1995 को हुई थी। पहली मोबाइल कॉल कोलकाता से दिल्ली के बीच की गई थी। उस समय मोबाइल आम लोगों की पहुंच से दूर था, लेकिन आज यह हर हाथ में नजर आता है। अब मोबाइल सिर्फ फोन नहीं, बल्कि हमारी डिजिटल पहचान बन चुका है।

