दिल्ली पुलिस कांस्टेबल थान सिंह की फ्री पाठशाला की छात्रा साक्षी 10वीं में पास हो गई। एक वायरल वीडियो में वह अपनी माँ को फोन पर यह खुशखबरी देते हुए भावुक हो जाती है। यह वीडियो उसकी मेहनत और शिक्षक के नेक काम को दर्शाता है।
कहते हैं कि शिक्षा गरीबी की बेड़ियों को काटने वाला सबसे बड़ा हथियार है. मां-बाप अपना पेट काटकर बच्चों को इसीलिए पढ़ाते हैं ताकि उनका भविष्य अच्छा हो सके. जब बच्चे अपने मां-बाप के सपनों को पूरा करते हैं, तो उस खुशी की कोई कीमत नहीं होती. ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लाखों लोगों की आंखें नम हो गई हैं.
मां को फोन करके रो पड़ी स्टूडेंट!
वायरल वीडियो में साक्षी नाम की एक स्टूडेंट 10वीं का रिजल्ट आने के बाद पास में खड़े किसी शख्स के फोन से अपनी मां को कॉल करती है. फोन पर वह बस इतना ही कह पाती है, 'मां... मैं पास हो गई' और इतना कहते ही उसका गला भर आता है. खुशी के आंसू उसके गालों पर बहने लगते हैं. इन तीन शब्दों के पीछे उसकी सालों की मेहनत, गरीबी से जंग और उसकी मां के सपने छिपे थे, जो उसके आंसुओं में साफ झलक रहे थे.
फरिश्ता बनकर आए पुलिस कांस्टेबल थान सिंह!
साक्षी की इस कामयाबी के पीछे एक असली हीरो का हाथ है. ये हीरो हैं दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल थान सिंह. थान सिंह सिर्फ वर्दी पहनकर कानून की रखवाली ही नहीं करते, बल्कि 'थान सिंह की पाठशाला' नाम से एक फ्री कोचिंग सेंटर भी चलाते हैं. यहां वह उन गरीब बच्चों को पढ़ाते हैं, जिनके पास पढ़ाई के लिए अच्छी सुविधाएं नहीं हैं. साक्षी भी इसी पाठशाला की स्टूडेंट है.
इस वीडियो में पहले थान सिंह खुद साक्षी की मां को फोन करके यह खुशखबरी देते हैं कि 'आपकी बेटी पास हो गई है'. इसके बाद जब वह फोन साक्षी को देते हैं, तो अपनी मां की आवाज सुनकर वह फूट-फूटकर रोने लगती है. फोन पर बात करने के बाद साक्षी दौड़कर अपने टीचर थान सिंह को कसकर गले लगा लेती है. यह सीन किसी भी पत्थर दिल इंसान को पिघला सकता है.
वायरल वीडियो पर लोगों ने लुटाया प्यार
थान सिंह ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करते हुए गर्व से लिखा, 'हमारी पाठशाला की सीनियर स्टूडेंट साक्षी 10वीं क्लास में पास हो गई है'. इस वीडियो पर हजारों लाइक्स और कमेंट्स आ रहे हैं. लोग थान सिंह की तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि 'पुलिस का मतलब सिर्फ लाठी चलाना नहीं, बल्कि समाज को सही रास्ता दिखाना भी है'. पूरा देश साक्षी की कामयाबी और उसकी मासूम खुशी पर उसे दुआएं दे रहा है.
यह वीडियो हमें एक ही सबक सिखाता है - अगर मदद करने का जज्बा और कुछ कर गुजरने की लगन हो, तो गरीबी कभी भी रास्ते का रोड़ा नहीं बन सकती. साक्षी की यह सफलता उसके परिवार के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है.
