माइक्रोसॉफ्ट के इंजीनियर विधु वर्मा ने अपनी ड्रीम जॉब छोड़ दी। उन्होंने बताया कि ज़िंदगी एकरस और ऑटोपायलट मोड पर थी। उनके लिए यह अंत नहीं, बल्कि अगला कदम चुनने की हिम्मत और एक नई शुरुआत है।

Dream Job Story: क्या कोई अपनी सपनों की नौकरी, खासकर माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी की जॉब छोड़ सकता है? आज के दौर में कई युवा ऐसा कर रहे हैं। ऐसे ही एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं विधु वर्मा, जिन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में अपनी ड्रीम जॉब छोड़ दी। विधु ने सोशल मीडिया पर इसकी वजह भी बताई है।

दिसंबर 2025 में विधु ने हैदराबाद में माइक्रोसॉफ्ट के ऑफिस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर जॉइन किया था। अपने वीडियो की शुरुआत में विधु कहते हैं, 'सबको लगता है कि सपनों की नौकरी मिलना ही सबसे बड़ी हैप्पी एंडिंग है। लेकिन कोई ये नहीं बताता कि जब आप उसे छोड़ते हैं तो क्या होता है'। विधु ने आगे बताया, 'महीनों तक मेरी ज़िंदगी ऑटोपायलट मोड पर थी। वही रोज़ का रूटीन, वही ऑफिस, वही बैज। आखिरकार एक दिन मैंने इस्तीफा दे दिया'।

जिस कंपनी में काम करने का उन्होंने हमेशा सपना देखा, उसे छोड़ते वक्त उनके मन में कई तरह के ख्याल आ रहे थे। विधु कहते हैं, 'ईमानदारी से कहूं तो मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं कैसा महसूस कर रहा हूं। एक तरफ खुशी थी, तो दूसरी तरफ शक था कि क्या मेरा फैसला सही है'। नोटिस पीरियड के दौरान उन्हें चीज़ों के बारे में सोचने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने ट्रैवल किया और अपने परिवार और दोस्तों के साथ वक्त बिताया। इससे उन्हें अपने करियर को लेकर एक नया नजरिया मिला।

विधु कहते हैं, 'कोई भी सपना आखिरकार आपकी नई नॉर्मल ज़िंदगी बन जाता है। लक्ष्य बड़े हो जाते हैं, डर बदल जाते हैं। आगे बढ़ने का मतलब सिर्फ मंज़िल तक पहुंचना नहीं है, बल्कि अगला कदम चुनने की हिम्मत दिखाना भी है'।

 

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इस पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट्स किए हैं। यह पोस्ट और कमेंट्स याद दिलाते हैं कि सपनों की नौकरी छोड़ना किसी चीज़ का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत भी हो सकती है।