NEET UG 2026 Minimum Marks Required for Government Medical College MBBS Admission: NEET UG 2026 की संभावित कट-ऑफ, MBBS के लिए सेफ स्कोर, मार्क्स vs रैंक ट्रेंड और पिछले 3 साल के कट-ऑफ डिटेल यहां समझें। जानें सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए कितने नंबर लाने जरूरी होंगे।
NEET UG 2026 Cut Off: NEET UG Exam 2026 में हर साल की तरह इस बार भी देशभर के लाखों स्टूडेंट्स शामिल हुउ। 3 मई को आयोजित इस परीक्षा की प्रोविजनल आंसर की और ओएमआर शीट जारी कर दी गई है, अब फाइन आंसर की और NEET UG 2026 रिजल्ट का इंतजार है। लेकिन इन सब के बीच नीट कैंडिडेट के मन में बड़ा सवाल है कि इस बार MBBS सीट के लिए कितना नीट स्कोर सुरक्षित माना जाएगा? बता दें कि हर साल की तरह इस बार भी प्रतियोगिता बेहद कड़ी रहने वाली है, क्योंकि सीमित सरकारी मेडिकल सीटों के बीच कुछ अंकों का फर्क हजारों रैंक पीछे धकेल सकता है। NEET में सिर्फ पास होना काफी नहीं होता, असली लड़ाई बेहतर रैंक और अच्छे मेडिकल कॉलेज की होती है। यही वजह है कि परीक्षा खत्म होने के बाद कैंडिडेट्स नीट यूजी कटऑफ (NEET UG 2026 Expected Cut Off) और एमबीबीएस के लिए सेफ नीट स्कोर (Safe Score for MBBS) जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। जानिए इस बार का अनुमानित नीट यूजी 2026 कटऑफ और एमबीबीएस के लिए सेफ नीट स्कोर क्या रहने का अनुमान है।
NEET UG 2026 Safe Score For MBBS क्या होता है ‘?
NTA की ओर से एमबीबीएस के लिए Safe Score जैसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की जाती। लेकिन बोलचाल की भाषा में कहें, तो यह वह स्कोर है जिसके अनुसार यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसी कैंडिडेट को एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन मिल सकता है या नहीं। यह पूरी तरह पिछले वर्षों के एडमिशन ट्रेंड, काउंसलिंग डेटा, सीट उपलब्धता और छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर अनुमानित माना जाता है। अगर पेपर आसान होता है तो कट-ऑफ ऊपर चली जाती है, जबकि कठिन पेपर होने पर कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, उम्मीदवारों की भारी संख्या के कारण प्रतिस्पर्धा हमेशा हाई रहती है। यही वजह है कि 10-15 नंबर का अंतर भी हजारों रैंक बदल देता है।
NEET UG 2026 में कितनी जा सकती है कट-ऑफ?
पिछले तीन वर्षों के ट्रेंड को देखें तो Unreserved और EWS कैटेगरी में कट-ऑफ लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। 2024 में जहां कट-ऑफ 720-162 रही थी, वहीं 2025 में यह 686–144 तक गई। इससे साफ है कि परीक्षा का स्तर और छात्रों की परफॉर्मेंस सीधे कट-ऑफ को प्रभावित करती है। पिछले 3 वर्षों का NEET Cut-Off Trend नीचे देखें-
| कैटेगरी | 2025 | 2024 | 2023 |
| अनारक्षित / ईडब्ल्यूएस | 686-144 | 720-162 | 720-137 |
| ओबीसी | 143-113 | 161-127 | 136-107 |
| एससी | 143- 113 | 161- 127 | 136- 107 |
| एसटी | 143- 113 | 161- 127 | 136- 107 |
| यूआर/ईडब्लयूएस- PwBD | 143- 127 | 161- 144 | 136- 121 |
| ओबीसी- PwBD | 126- 113 | 143- 127 | 120- 107 |
| एससी- PwBD | 126- 113 | 143- 127 | 120- 107 |
| एसटी- PwBD | 126- 113 | 143- 127 | 120- 107 |
MBBS Government College के लिए कितना स्कोर हो सकता है सुरक्षित?
एक्सपर्ट्स और पिछले काउंसलिंग ट्रेंड के मुताबिक, जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में मजबूत दावेदारी के लिए 620+ स्कोर को बेहतर माना जा रहा है। टॉप सरकारी कॉलेजों के लिए यह आंकड़ा 650–680 तक जा सकता है। वहीं OBC, SC और ST कैटेगरी में कट-ऑफ अपेक्षाकृत कम रह सकती है, लेकिन अच्छी रैंक के लिए यहां भी हाई स्कोर जरूरी रहेगा।
NEET Marks vs Rank: क्यों खतरनाक है 10 नंबर का फर्क?
NEET का सबसे बड़ा दबाव इसकी रैंकिंग प्रणाली है। यहां हजारों छात्र एक ही स्कोर रेंज में मौजूद रहते हैं। ऐसे में सिर्फ 10–15 नंबर कम होने का मतलब हजारों रैंक नीचे जाना हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, 620 और 635 अंक देखने में ज्यादा अलग नहीं लगते, लेकिन काउंसलिंग के दौरान दोनों छात्रों की कॉलेज चॉइस और सीट संभावना पूरी तरह बदल सकती है। यही कारण है कि हर अतिरिक्त नंबर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
किन कोर्सों में मिलता है NEET स्कोर से एडमिशन?
NEET UG स्कोर सिर्फ MBBS तक सीमित नहीं है। इसके जरिए कई मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्सों में दाखिला मिलता है, जिनमें शामिल हैं-
- MBBS
- BDS
- BAMS
- BHMS
- BUMS
- BSMS
- BVSc & AH


