Who is Vijaye Raji, Rahul Patil: IIT नहीं किया, फिर भी AI की दुनिया में बड़ा नाम बने विजय राजी और राहुल पाटिल कौन हैं। जानिए OpenAI और Anthropic तक पहुंचने की पूरी कहानी।
Vijaye Raji Rahul Patil AI Success Story: TIME मैगजीन ने पहली बार ‘Executives of the Year: Tech & Data’ नाम से एक लिस्ट जारी की है। इसमें टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य तय करने वाले 50 बड़े लीडर्स को जगह दी गई है। इस लिस्ट में कई भारतीय मूल के टेक लीडर्स भी शामिल हैं। इनमें OpenAI के CTO of Applications विजय राजी, Anthropic के CTO राहुल पाटिल भी शामिल हैं। बता दें कि ये दो ऐसे नाम हैं जिनकी पढ़ाई IIT से नहीं हुई, इसके बावजूद एक OpenAI में ChatGPT और Codex जैसे प्रोडक्ट्स की टेक्नोलॉजी संभाल रहे हैं, तो दूसरे Anthropic के Claude AI के पीछे की इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमान संभाल रहे हैं। जानिए कौन हैं विजय राजी (Vijaye Raji) और राहुल पाटिल (Rahul Patil)? उनका एजुकेशन, करियर और सफलता की शानदार कहानी।
विजये राजी: पांडिचेरी से माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और फिर ओपनएआई तक
विजय राजी आज OpenAI में CTO of Applications हैं। सितंबर 2025 में उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली। इस रोल में वह ChatGPT और Codex की प्रोडक्ट इंजीनियरिंग समेत कई अहम तकनीकी क्षेत्रों की देखरेख करते हैं। उनकी कहानी की खास बात यह है कि उन्होंने IIT से पढ़ाई नहीं की। विजय राजी ने पांडिचेरी इंजीनियरिंग कॉलेज से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग किया और 1999 में ग्रेजुएट हुए।
इसके बाद उनका करियर माइक्रोसॉफ्ट से शुरू हुआ, जहां उन्होंने करीब एक दशक काम किया। 2011 में उन्होंने फेसबुक का रुख किया और वहां बड़े पैमाने पर कंज्यूमर टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग से जुड़े काम किए।
फिर विजय राजी ने खुद का स्टार्टअप Statsig शुरू किया। यह प्लेटफॉर्म कंपनियों को नए फीचर्स की टेस्टिंग, A/B टेस्टिंग और डेटा के आधार पर प्रोडक्ट फैसले लेने में मदद करता है। 2025 में OpenAI ने Statsig को करीब 1.1 अरब डॉलर के ऑल-स्टॉक सौदे में खरीदने का ऐलान किया और इसी के साथ विजय राजी OpenAI की Applications टीम में CTO बने।
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कौन हैं राहुल पाटिल: बेंगलुरु से एंथ्रोपिक के सीटीओ तक की यात्रा
राहुल पाटिल भारतीय मूल के ऐसे टेक एग्जीक्यूटिव हैं, जिन्होंने बेंगलुरु से अपना सफर शुरू किया और अब एंथ्रोपिक (Anthropic) के CTO हैं। अक्टूबर 2025 में उन्होंने यह पद संभाला।
राहुल पाटिल ने बेंगलुरु के PESIT से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की। इसके बाद उन्होंने एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स और यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन से MBA किया।
उनका करियर अमेजन वेब सर्विसेज, माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल जैसे बड़े टेक संस्थानों से होते हुए स्ट्राइप (Stripe) तक पहुंचा। स्ट्राइप में वह CTO की भूमिका में रहे और बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी व इंफ्रास्ट्रक्चर संभाला। एंथ्रोपिक में अब उनकी जिम्मेदारी कंप्यूट, इंफ्रास्ट्रक्चर, इन्फरेंस, डेटा साइंसऔर सिक्योरिटी समेत इंजीनियरिंग ऑर्गनाइजेशन की है।
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IIT की डिग्री नहीं, लेकिन ग्लोबल टेक लीडरशिप में बड़ा मुकाम
विजय राजी और राहुल पाटिल की सफलता की कहानी बताती है कि ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में पहुंच बनाने का रास्ता सिर्फ IIT से होकर नहीं जाता। दोनों ने अलग-अलग संस्थानों से इंजीनियरिंग की, फिर लंबे करियर, टेक्निकल लीडरशिप और प्रोडक्ट-बिल्डिंग के अनुभव के जरिए दुनिया की दो बड़ी AI कंपनियों के टॉप टेक्निकल पोस्ट तक जगह बनाई।
TIME की 2026 की लिस्ट में दोनों का शामिल होना इसी व्यापक टेक बदलाव को दिखाता है, जहां AI की अगली दौड़ में सिर्फ मॉडल बनाने की क्षमता ही नहीं, बल्कि प्रोडक्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा और बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी को लोगों तक पहुंचाने की क्षमता भी उतनी ही अहम हो गई है।
