रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के वरिष्ठ अधिकारी छात्रों के समूहों से मिल रहे हैं और उनका अभ्यावेदन प्राप्त कर रहे हैं। मंत्री ने कैंडिडेट्स को आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान अत्यंत संवेदनशीलता के साथ किया जाएगा।

करियर डेस्क. RRB-NTPC की परीक्षा पर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रेलवे भर्ती बोर्ड की गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (RRB-NTPC) परीक्षा 2021 परिणाम के विरोध में छात्रों ने कर बिहार और यूपी में विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की। रेलवे ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अब इस मामले में केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने कहा कि मामले का संवेदनशीलता के साथ समाधान निकाला जाएगा। इन चिंताओं की जांच करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च-अधिकारप्राप्त समिति ने कैंडिडे्टस से अभ्यावेदन लेना शुरू कर दिया है।

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रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) के वरिष्ठ अधिकारी छात्रों के समूहों से मिल रहे हैं और उनका अभ्यावेदन प्राप्त कर रहे हैं। मंत्री ने कैंडिडेट्स को आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान अत्यंत संवेदनशीलता के साथ किया जाएगा और उन्हें किसी की बातों से भ्रमित या प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है। परीक्षा के दूसरे चरण के लिए चुने जाने वाले कैंडिडेट्स की संख्या के मुद्दे को स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि रेलवे की एक पुरानी कार्यप्रणाली के रूप में एनटीपीसी द्वितीय चरण परीक्षा के लिए बुलाए जाने वाले कैंडिडेट्स की संख्या, स्वीकृत रिक्तियों की संख्या से केवल 10 गुनी ज्यादा रखी गयी थी। सीईएन 03/2015 के लिए उम्मीदवारों को बुलाए जाने की यह संख्या रिक्तियों की संख्या की 10 गुनी से बढ़ाकर 15 गुनी की गयी औए सीईएन 1/2019 के लिए यह संख्या रिक्तियों की संख्या की 20 गुनी कर दी गयी, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिले।

वैष्णव ने बताया कि “यदि आप प्रत्येक श्रेणी को देखें, तो प्रत्येक श्रेणी के लिए 20 गुना छात्रों का चयन किया गया है।“ मुद्दा यह है कि एक से ज्यादा श्रेणियों के लिए एक से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। चूंकि दूसरे चरण में पांच अलग-अलग स्तरों के सीबीटी होते हैं और एक उम्मीदवार को पात्रता, योग्यता और विकल्प के आधार पर एक से अधिक स्तरों के लिए चुना (शॉर्टलिस्ट) जा सकता है, तो 7 लाख रोल नंबरों की सूचियों में कुछ नाम एक से अधिक सूची में दिखाई दे सकते हैं। मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाया जा सकता है और सड़क पर विरोध करने या ट्रेन को आग लगाने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि रेलवे अवसंरचना सार्वजनिक संपत्ति है।

इस समस्या के समाधान के बारे में बात करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैंडिडेट्स की चिंताओं, शिकायतों को देखने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति में, भर्ती प्रक्रिया में लम्बा अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। उन्होंने संबंधित छात्रों से अनुरोध किया कि वे तीन सप्ताह के भीतर यानी 16 फरवरी 2022 तक समिति को अपनी शिकायतें/चिंताएं प्रस्तुत करें और हम उसके तुरंत बाद समाधान लेकर आएंगे।

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