रेलवे भर्ती बोर्ड की गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (RRB-NTPC) परीक्षा 2021 परिणाम के विरोध में छात्रों ने कर बिहार और यूपी में विरोध प्रदर्शन किया, जो अन्य हिस्सों में फैल गया। छात्रों के भारी विरोध को देखते हुए रेलवे ने एनटीपीसी और ग्रुप डी (श्रेणी-1) की परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की है।

नई दिल्ली. RRB-NTPC की परीक्षा पर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। परीक्षा के विरोध में छात्रों ने बिहार (Bihar) बंद का ऐलान किया है। इस बंद को कई राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन भी दिया है। रेलवे भर्ती बोर्ड की गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (RRB-NTPC) परीक्षा 2021 परिणाम के विरोध में छात्रों ने कर बिहार और यूपी में विरोध प्रदर्शन किया, जो अन्य हिस्सों में फैल गया। इस दौरान छात्रों की पुलिस के साथ भी झड़प हुई। छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की। रेलवे ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। आइए जानते हैं क्या है पूरा विवाद और इस विवाद से जुड़े सारे सवालों के जवाब। 

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क्या है छात्रों का आरोप 
रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी परीक्षा में धांधली का आरोप लगाकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि RRB NTPC CBT 2 और Group D CBT 1 परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। इसके विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बुधवार को गया में ट्रेन में आग लगा दिया था। इसके साथ ही जहानाबाद व अन्य जिलों में भी छात्रों ने बबाल काटा।

रेलवे ने परीक्षा स्थगित की?
छात्रों के भारी विरोध को देखते हुए रेलवे ने एनटीपीसी और ग्रुप डी (श्रेणी-1) की परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की है, इसके बाद भी छात्रा का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 

रेलवे ने क्या फैसला किया
अब रेलवे ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो आरआरबी -एनटीपीसी (RRB NTPC) और लेवल 1 की परीक्षा में पास हुए और फ़ेल हुए छात्रों से बात कर, अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी। ये जांच पहले चरण के रिज़ल्ट तैयार करने के तरीकों के बारे में होगी। हालांकि ये साफ़ कहा गया है कि इस परीक्षा में पास छात्रों की लिस्ट में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा लेवल 1 की परीक्षा में पहले चरण के नतीजों के बाद दूसरे चरण की परीक्षा पर भी कमेटी अपना सुझाव देगी।

किस परीक्षा को लेकर है विवाद?
देश भर में रेलवे में भर्ती के लिए 21 रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड्स (RRB) हैं। इनका काम रेलवे में भर्ती से जुड़ी परीक्षाओं का आयोजन करना है। RRB NTPC यानी 'रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी' परीक्षा। इस परीक्षा में अलग-अलग पे-ग्रेड पर, क़रीब 35 हज़ार नौकरियों के लिए वैकेंसी निकली थी। इन नौकरियों के लिए 2019 में आवेदन मांगे गए थे. उसी वर्ष सितंबर में परीक्षा होनी थी। लेकिन इसमें देरी हुई। बाद में दिसंबर 2020 से जुलाई 2021 के बीच देशभर में इस भर्ती के लिए पहले चरण की परीक्षा हुई और रिजल्ट 14 जनवरी 2022 को घोषित किए गए।

ग्रुप सी, लेवल 1
इस परीक्षा के लिए भी साल 2019 में करीब एक लाख नौकरियों के लिए आवेदन मांगे गए थे। करीब 1 करोड़ 15 लाख आवेदनों की वजह से फ़िलहाल इसके लिए एक भी चरण की परीक्षा नहीं हो पाई है। पहले चरण की परीक्षा 23 फरवरी 2022 को होनी वाली थी, जिसे अब आगे के लिए टाल दिया गया है। रेलवे का कहना है कि कम पद पर, बहुत अधिक आवेदन आने से उनकी दिक़्क़त बढ़ गई। 

इन प्वाइंट से समझें विवाद

  • परीक्षा मार्च 2020 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से आगे बढ़ गई। उसके बाद दिसंबर 2020 से जुलाई 2021 के बीच ये परीक्षा हुई 14 जनवरी 2022 को इसका रिजल्ट आया। इसमें 7 लाख 5 हजार 446 छात्र पास हुए. यानी 35 हजार पदों के लिए 20 गुना ज्यादा अभ्यर्थियों ने दूसरे राउंड के लिए क्वालिफाई कर लिया।
  • परीक्षा देने वाले कैंडिडेट्स का आरोप है कि ज्यादा क्वालिफिकेशन वाले लोग भी लेवल 2 जॉब के लिए एग्जाम में बैठ रहे हैं। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा क्वालिफिकेशन वालों को कम योग्यता वाली जॉब के एग्जाम में बैठने से नहीं रोका जा सकता।
  • रेलवे का कहना है कि 20 गुना ज्यादा अभ्यर्थी पास हुए हैं, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि इसमें उन ग्रेजुएट छात्रों को भी शामिल कर लिया गया है, जिन्होंने अंडर ग्रेजुएट में भी क्वालिफाई किया है।
  • रेलवे का तर्क है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि एक भी पद खाली न रहे। रेलवे ने ये भी कहा कि जब फाइनल रिजल्ट आएगा तो 35 हजार 281 पदों की भर्तियों की लिस्ट होगी। किसी भी कैंडिडेट्स को केवल एख ही पद पर नियुक्ति मिलेगी।

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