RRB NTPC CBT 2 Preparation 2026: आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी-1 रिजल्ट जारी हो चुकी है। जानिए आरआरबी एनटीपीसी यूजी सीबीटी-2 में अब कितने दिन बचे हैं? रोज कितने घंटे पढ़ें, क्या हो स्टडी प्लान और कौन सी गलती भारी पड़ सकती है।

RRB NTPC UG CBT 2 2026: आरआरबी एनटीपीसी यूजी रिजल्ट 2026 जारी हो चुका है और सीबीटी-1 पास करने वाले अभ्यर्थियों के सामने अब अगली बड़ी चुनौती सीबीटी-2 है। 17 सितंबर 2026 को प्रस्तावित परीक्षा को देखते हुए 25 अगस्त से अभ्यर्थियों के पास सिर्फ 23 दिन का समय है। ऐसे में सवाल यह है कि इन बचे हुए दिनों में पढ़ाई का सही तरीका क्या हो और रोज कितने घंटे पढ़ना फायदेमंद रहेगा? जानिए

सीबीटी-2 के लिए कितने दिन बचे हैं?

आरआरबी एनटीपीसी यूजी भर्ती सीईएन 07/2025 के तहत हो रही है। पहले चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा के बाद सफल अभ्यर्थियों को दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा देनी होगी। इसके बाद पद के अनुसार टाइपिंग परीक्षा, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच जैसी प्रक्रियाएं हो सकती हैं। अगर सीबीटी-2 की परीक्षा 17 सितंबर 2026 को ही होती है, तो 25 अगस्त से परीक्षा तक 23 दिन बचे हैं। यानी अब अभ्यर्थियों के पास पूरे सिलेबस को शुरुआत से पढ़ने का समय नहीं है। इस समय का इस्तेमाल रिवीजन, सवालों की लगातार प्रैक्टिस और कमजोर हिस्सों को मजबूत करने में करना ज्यादा सही रहेगा।

रोज कितने घंटे पढ़ना चाहिए?

आरआरबी ने ऐसी कोई तय सीमा नहीं बताई है कि अभ्यर्थी को रोज इतने घंटे ही पढ़ना है। इसलिए पढ़ाई का समय अपनी तैयारी के स्तर के हिसाब से तय करना बेहतर होगा। अगर पहले चरण की तैयारी अच्छी रही है, तो रोज 6 से 8 घंटे की एकाग्र पढ़ाई काफी उपयोगी हो सकती है। वहीं जिन अभ्यर्थियों को कुछ विषयों में अभी भी परेशानी है, वे रोज 8 से 10 घंटे तक पढ़ सकते हैं। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। 10 घंटे किताब के सामने बैठे रहना और 7 घंटे लगातार सवाल हल करना एक जैसी तैयारी नहीं है। परीक्षा के इतने करीब समय में पढ़ाई के घंटे से ज्यादा उसकी गुणवत्ता मायने रखेगी।

बचे 23 दिनों को कैसे बांटें?

  • पहले 10 दिन पूरे सिलेबस के रिवीजन के लिए रखें। जो चैप्टर कमजोर है, उसे पहले मजबूत करें और उसके बाद उसी से जुड़े सवाल हल करें।
  • इसके बाद के 8 दिन सवालों की प्रैक्टिस और सैंपल टेस्ट के लिए रखें। हर सैंपल टेस्ट के बाद यह जरूर देखें कि गलतियां कहां हुईं। सिर्फ मार्क्स देखकर अगली परीक्षा की ओर बढ़ने से फायदा कम होगा। गलत सवालों की एक अलग लिस्ट बनाना ज्यादा उपयोगी रहेगा।
  • आखिरी 5 दिन नए टॉपिक पढ़ने के बजाय रिवीजन, फॉर्मूला, छोटे नोट्स और पहले की गलतियों को सुधारने में लगाएं। परीक्षा से एक दिन पहले देर रात तक जागकर पढ़ना भी सही स्ट्रेटजी नहीं होगी।

क्या पहले चरण की पढ़ाई दोहराना ही काफी है?

नहीं। दूसरे चरण में अब सिर्फ विषयों की जानकारी होना पर्याप्त नहीं होगा। अभ्यर्थियों को कम समय में ज्यादा सही सवाल करने की आदत डालनी होगी। यानी स्पीड और सटीकता, दोनों पर साथ काम करना होगा। इसलिए रोज कुछ समय समय-सीमा लगाकर सवाल हल करने के लिए जरूर निकालें। इससे परीक्षा के दौरान समय के दबाव को संभालने में मदद मिलेगी।

टाइपिंग परीक्षा वालों के लिए जरूरी बात

कुछ पदों के लिए आगे कंप्यूटर पर टाइपिंग की परीक्षा भी होती है। इसलिए जिस पद के लिए आवेदन किया है, उसकी आगे की चयन प्रक्रिया जरूर देख लें। सीबीटी-2 की तैयारी के साथ टाइपिंग की थोड़ी-थोड़ी प्रैक्टिस शुरू करना भी समझदारी होगी।

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सफल कैंडिडेट अभी सबसे जरूरी काम क्या करें?

आज से ही 23 दिन की पढ़ाई का पूरा टाइम-टेबल बनाएं। हर दिन के लिए तय करें कि कौन-सा विषय पढ़ना है, कितने सवाल हल करने हैं और कितने मॉक टेस्ट देने हैं। साथ ही अपने क्षेत्रीय आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर आगे की परीक्षा से जुड़ी सूचना देखते रहें।

सीबीटी-1 का रिजल्ट में सफल कैंडिडेट्स ध्यान रखें कि अब अगले 23 दिन ही आपकी अगली परीक्षा की तैयारी की असली तस्वीर तय करेंगे। इसलिए अब ज्यादा घंटे पढ़ने से ज्यादा जरूरी है, हर दिन सही चीज पढ़ना, मॉक टेस्ट देना और अपनी गलतियों को लगातार सुधारना।

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