Hottest Places in the World: दुनिया की 5 सबसे गर्म जगहों के बारे में जानिए, जहां तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंचता है। यहां 10 मिनट रहना भी किसी भी इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
Deadliest Hot Places on Earth: भारत समेत दुनिया के कई देशों में इन दिनों भीषण गर्मी और हीटवेव लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। उत्तर भारत से लेकर यूरोप के कई हिस्सों तक तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि आखिर दुनिया की सबसे गर्म जगहें कौन-सी हैं, जहां तापमान इतना अधिक हो जाता है कि कुछ घंटों तक बाहर रहना भी जानलेवा साबित हो सकता है। जानिए दुनिया के उन पांच इलाकों के बारे में, जिन्हें पृथ्वी के सबसे गर्म स्थानों में गिना जाता है।

डेथ वैली: नाम ही बताता है इसकी भयावहता
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में स्थित डेथ वैली दुनिया की सबसे गर्म जगहों में शामिल है। यहां की भौगोलिक संरचना गर्म हवा को बाहर निकलने नहीं देती। चारों ओर फैले रेगिस्तान और घाटी के भीतर फंसी गर्म हवा तापमान को बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंचा देती है। यही वजह है कि इस जगह को "डेथ वैली" यानी मौत की घाटी कहा जाता है।
सहारा रेगिस्तान: धरती का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान
अफ्रीका में फैला सहारा रेगिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान माना जाता है। यहां सामान्य तौर पर तापमान 35 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, लेकिन कई बार यह 58 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी सतह का तापमान 76 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा चुका है। पूरे साल बेहद कम बारिश होने के कारण यहां की गर्मी और भी खतरनाक हो जाती है।
अल अजीजिया: लीबिया का तपता शहर
उत्तरी-पश्चिमी लीबिया का छोटा-सा शहर अल अजीजिया भी अत्यधिक गर्म मौसम के लिए जाना जाता है। यहां सामान्य तौर पर तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यह इलाका लंबे समय से दुनिया के सबसे गर्म क्षेत्रों में गिना जाता रहा है और यहां की गर्म हवाएं लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनती हैं।
सोनोरन रेगिस्तान: जहां गर्मी और प्रकृति दोनों हैं अनोखी
अमेरिका के एरिजोना से लेकर उत्तरी मैक्सिको तक फैला सोनोरन रेगिस्तान भी बेहद गर्म इलाकों में शामिल है। यहां औसत तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाता है। यह रेगिस्तान विशाल कैक्टस, दुर्लभ वन्यजीवों और कठोर मौसम के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
फ्लेमिंग माउंटेन: चीन का जलता हुआ पहाड़
चीन के शिनजियांग प्रांत में स्थित फ्लेमिंग माउंटेन अपनी लाल बलुआ पत्थर की पहाड़ियों और भीषण गर्मी के लिए प्रसिद्ध है। तकलामकान रेगिस्तान के उत्तरी हिस्से में स्थित यह क्षेत्र गर्मियों में 50 डिग्री सेल्सियस तक तप सकता है। दूर से देखने पर पहाड़ों का रंग ऐसा लगता है मानो उनमें आग लगी हो, इसी वजह से इन्हें फ्लेमिंग माउंटेन कहा जाता है।
क्यों बढ़ रही है दुनिया में हीटवेव की चिंता?
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग के कारण दुनिया के कई हिस्सों में गर्मी का असर पहले से ज्यादा गंभीर होता जा रहा है। भारत, यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका के कई क्षेत्रों में लगातार बढ़ता तापमान इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में हीटवेव एक बड़ी वैश्विक चुनौती बन सकती है। ऐसे में लोगों को गर्मी के दौरान पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की जरूरत है।


