बेटर हाफ सहित कई गुजराती फिल्मों के जाने-माने डायरेक्टर आशीष कक्कड़ (ashish kakkad) का सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। आशीष अपने बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए विशेष रूप से अहमदाबाद से कोलकाता गए थे और 6 नवंबर को वापस आने वाले थे। उनके दोस्त और संगीतकार निशीथ मेहता ने अहमदाबाद मिरर को जानकारी दी कि उन्हे नींद में दोपहर 3.50 बजे हृदयघात हुआ और निधन हो गया। बता दें कि कुछ दिनों पहले गुजराती फिल्म जगत के दो सितारे महेश-नरेश का निधन हो गया था। 

मुंबई. बेटर हाफ सहित कई गुजराती फिल्मों के जाने-माने डायरेक्टर आशीष कक्कड़ (ashish kakkad) का सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। आशीष अपने बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए विशेष रूप से अहमदाबाद से कोलकाता गए थे और 6 नवंबर को वापस आने वाले थे। उनके दोस्त और संगीतकार निशीथ मेहता ने अहमदाबाद मिरर को जानकारी दी कि उन्हे नींद में दोपहर 3.50 बजे हृदयघात हुआ और निधन हो गया। बता दें कि कुछ दिनों पहले गुजराती फिल्म जगत के दो सितारे महेश-नरेश का निधन हो गया था। उसके बाद, आशीष कक्कड़ ने अचानक दुनिया छोड़ दी, जिससे गुजराती फिल्म जगत को एक बड़ा झटका लगा।

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बता दें कि आशीष कॉलेज के बाद से नाटक में रुचि रखते थे। एक्टिंग की तुलना में बैकस्टेज और लाइटिंग जैसी प्रस्तुतियों में अधिक रुचि थी। कॉलेज के दिनों में आशीष ने एक शॉर्ट फिल्म बनाई थी, जिसे फिल्मों के विभिन्न पहलुओं के लोगों द्वारा सराहा गया था, जिसने उन्हें अभिनय और फिल्मों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।


गुजराती फिल्म इंडस्ट्री में बेटर हाफ के साथ समानांतर फिल्मों का चलन शुरू करने वाले आशीष ने पहले ही ड्रामा-टीवी और फिल्मों जैसे तीन माध्यमों में अपनी प्रतिभा दिखाई है। आशीष बेटर हाफ (2010) और मिशन ममी (2016) के लिए जाने जाते थे। एक एक्टर के रूप में वह अभिषेक कपूर की फिल्म काई पो चे में सबसे अधिक देखी गई थी। मिशन ममी में काम करने वाले धवनित ठाकर ने आशीष को याद करने अपने इंस्टाग्राम पर उनके साथ फोटो शेयर कर शोक व्यक्त किया। 


बता दें कि कुछ दिन पहले गुजराती फिल्मों के स्टार नरेश कनोडिया का कोरोना (corona) की वजह से निधन हो गया है। वह 77 साल के थे। नरेश को गुजराती फिल्मों का सुपरस्टार माना जाता था और गुजराती में उन्होंने सैकड़ों फिल्में की हैं। इतना ही नहीं उनके बड़े भाई महेश कनोडिया भी भाजपा के राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और वे गुजराती फिल्मों में संगीत देते थे और गीतकार थे। बता दें कि महेश की भी नरेश की मौत के दो दिन पहले 83 की उम्र में बीमारी की वजह निधन हुआ था। गुजरात फिल्म इंडस्ट्रीज के लोगों का कहना है कि दोनों भाई जीवनभर साथ रहे और अब मौत भी उन्हें जुदा नहीं कर पाई।