क्या 300 करोड़ रुपए कमाने वाली 'करुप्पु' थलापति विजय की आखिरी फिल्म बन सकती थी? आखिर उन्होंने इतनी बड़ी ब्लॉकबस्टर क्यों ठुकराई? क्या 'जन नायगन' के पीछे छिपा है TVK और राजनीति का बड़ा गेम प्लान? क्या फेयरवेल फिल्म से ज्यादा जरूरी था राजनीतिक संदेश? और आरजे बालाजी ने विजय को लेकर ऐसा कौन-सा खुलासा कर दिया जिसने फैंस को हैरान कर दिया?

तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय यानी थलापति विजय को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। डायरेक्टर आरजे बालाजी ने बताया है कि इस साल की सबसे बड़ी तमिल ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल 'करुप्पु' कभी विजय की आखिरी फिल्म बनने वाली थी। फिल्म को लेकर दोनों के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई थी, लेकिन आखिरकार विजय ने इस प्रोजेक्ट से दूरी बना ली और 'जन नायगन' को चुना। दिलचस्प बात यह है कि 'करुप्पु' बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विजय ने इतनी बड़ी फिल्म छोड़ने का फैसला क्यों लिया?

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'करुप्पु' बनने वाली थी थलापति विजय की आखिरी फिल्म

डायरेक्टर आरजे बालाजी ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि 'करुप्पु' को विजय की आखिरी फिल्म के तौर पर प्लान किया गया था। द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "यह उनकी आखिरी फिल्म होने वाली थी। हमने काफी समय तक दो-तीन बैठकों में इस बात पर चर्चा की कि उनकी अंतिम फिल्म कौन-सी होनी चाहिए और उसे किस तरह बनाया जाए।" इस खुलासे ने फैंस को हैरान कर दिया, क्योंकि बाद में विजय ने इस फिल्म का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था।

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विजय ने क्यों छोड़ी 'करुप्पु'?

आरजे बालाजी के मुताबिक, विजय ने बाद में फोन कर कुछ कारण बताए, जिनकी वजह से वह फिल्म नहीं कर पाए। डायरेक्टर ने कहा, "मुझे लगा कि उनके कारण पूरी तरह जायज थे। मैंने उनसे कहा, 'सर, मैं आपके फैसले का पूरा सम्मान करता हूं।'" हालांकि विजय ने फिल्म नहीं की, लेकिन आरजे बालाजी ने फिल्म के शुरुआती क्रेडिट्स में उनका धन्यवाद किया। उनका कहना था कि कहानी सुनते समय विजय द्वारा पूछे गए सवालों ने स्क्रिप्ट को और बेहतर बनाने में मदद की।

आखिर 'करुप्पु' में ऐसा क्या था?

अगर विजय 'करुप्पु' करते, तो यह उनके करियर की शानदार विदाई साबित हो सकती थी। यह एक कोर्टरूम ड्रामा फिल्म है, जिसमें सूर्या का किरदार एक वकील का है, जो न्यायिक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता है। फिल्म में बड़े पैमाने पर फैन सर्विस, भावनात्मक पल, सामाजिक संदेश और मास एंटरटेनमेंट मौजूद है। माना जा रहा है कि अगर विजय इस फिल्म में होते, तो इसमें उनके करियर के कई यादगार पलों को श्रद्धांजलि देने वाले सीन भी जोड़े जा सकते थे।

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'करुप्पु' कर चुकी 300 करोड़ की कमाई

15 मई को रिलीज हुई 'करुप्पु' दुनियाभर में 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। 33 साल तक तमिल सिनेमा में राज करने वाले विजय के लिए यह एक परफेक्ट फेयरवेल फिल्म साबित हो सकती थी। यही वजह है कि अब कई फैंस सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर विजय ने इतनी बड़ी संभावित ब्लॉकबस्टर को छोड़ने का फैसला क्यों किया। वहीं एनालिस्ट्स का मानना है कि विजय का फैसला पूरी तरह रणनीतिक था।

विजय की आखिरी फिल्म का पॉलिटिकल कनेक्शन

एच. विनोद के निर्देशन में बनी 'जन नायगन' में विजय 'थलपति वेत्री कोंडन' नाम का किरदार निभा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि 'थलापति वेत्री कोंडन' का संक्षिप्त रूप TVK बनता है, जो विजय की राजनीतिक पार्टी 'तमिझगा वेत्री कझगम' के नाम से मेल खाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि विजय अपनी आखिरी फिल्म के जरिए सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी देना चाहते थे। फिल्म की रिलीज डेट का अभी ऐलान होना बाकी है।