मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए लिखा-मैं चुनाव प्रचार के लिए इस समय बिहार में हूँ। हमारे छत्तीसगढ़ में खेतों में फसलों की लुआई पूरी हो जाने के बाद लुआई को अंतिम रूप देना "बढ़ौना" कहा जाता है। "बढ़ौना" की परम्परा प्रायः घर के मुखिया द्वारा होती है। आज मेरी धर्मपत्नी और मेरे बेटे ने इसे पूर्ण कर तस्वीरें भेजी हैं।

रायपुर. छत्तसीगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने कोई कसर नहीं छोड़ते। वह हर तीज-त्यौहार को पारमपरिक अंदाज में मनाते हैं। सीएम ने ऐसी एक फोटो सोशल मीडिया में शेयर की है, जिसमें उनकी पत्नी और बेटे खेत में फसल काटते हुए नजर आ रहे हैं।

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इस वजह से खेत में धान काट रहे हैं सीएम की पत्नी और बेटा
दरअसल, सीएम की पत्नी और बेटे चैतन्य बघेल गुरुवार को अपने पैतृक गांव भिलाई के बेलौदी गांव में गए हुए थे। जहां उन्होंने पहुंचकर अपनी परंपराओं का निर्वहन करते हुए धान की कटाई की। बता दें कि धान की कटाई के बाद खेतों में 'बढ़ौना' की रस्म की जाती है। जहां घर का मुखिया आखिर दिन खेत में जाकर फसल काटकर यह पूजा करता है।

बिहार में रैली कर रहे हैं सीएम भूपेश बघेल
बता दें कि छत्तसीगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पिछले तीन से बिहार के दौरे पर हैं। जहां वह कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए एक के बाद एक चुनावी रैली कर रहे हैं। इसी बीच सीएम ने यह ट्वीट किया जहां उन्होने 'बढ़ौना' परम्परा का जिक्र करते हुए अपनी पत्नी और बेटे की यह फोटो शेयर की हैं।


(बिहार की चुनावी रैली और सभाओं में व्यस्त हैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल)

सीएम ने ट्वीट करते हुए लिखी ये बात
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए लिखा-मैं चुनाव प्रचार के लिए इस समय बिहार में हूँ। हमारे छत्तीसगढ़ में खेतों में फसलों की लुआई पूरी हो जाने के बाद लुआई को अंतिम रूप देना "बढ़ौना" कहा जाता है। "बढ़ौना" की परम्परा प्रायः घर के मुखिया द्वारा होती है। आज मेरी धर्मपत्नी और मेरे बेटे ने इसे पूर्ण कर तस्वीरें भेजी हैं।

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