क्या CM विष्णुदेव साय की नई हेल्पलाइन व्यवस्था बदल देगी सिस्टम? आखिर क्यों खुद मुख्यमंत्री ने कॉलर से की बात? 1200 से ज्यादा शिकायत श्रेणियां और 8000 अधिकारियों वाली इस नई व्यवस्था से जनता को कितना फायदा मिलेगा? CM हेल्पलाइन 1076 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं और शिकायत निवारण तंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से पूरी जानकारी लेते हुए नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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इस मौके पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

शिकायतों के त्वरित समाधान और पारदर्शिता पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का फोकस

मुख्यमंत्री श्री साय ने हेल्पलाइन सेंटर पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, मॉनिटरिंग और समाधान प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि शिकायतों का त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर नागरिक की समस्या का प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेल्पलाइन कॉलर पूना राम ठाकरे से की सीधी बातचीत

CM हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले रायपुर निवासी श्री पूना राम ठाकरे से सीधे फोन पर बातचीत भी की। मुख्यमंत्री ने उनसे उनका नाम, निवास और समस्या की जानकारी ली। श्री ठाकरे ने बताया कि उन्होंने आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन समस्या आने के कारण उन्होंने हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।

CM हेल्पलाइन से जुड़े हितग्राहियों ने व्यवस्था की सराहना की

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े कई हितग्राहियों से भी बातचीत की। उन्होंने नागरिकों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा संबंधित मामलों के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि अब उनकी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंच रही हैं, जिससे समाधान की उम्मीद और भरोसा बढ़ा है।

1200 से ज्यादा शिकायत श्रेणियां और 8000 अधिकारियों की मैपिंग

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली आधुनिक व्यवस्था है। इस प्रणाली में 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां शामिल की गई हैं, जबकि लगभग 8,000 अधिकारियों को चार अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन सिस्टम के जरिए शिकायतों की लगातार निगरानी और समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

स्थानीय युवाओं को मिल रहा रोजगार, सेवा गुणवत्ता में भी सुधार

मुख्यमंत्री श्री साय ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस हेल्पलाइन व्यवस्था के संचालन से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। इससे एक ओर जहां सेवा गुणवत्ता में सुधार आया है, वहीं दूसरी ओर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।

MIS डैशबोर्ड और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर जोर

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली और विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया सुशासन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित किए जाएं, ताकि प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी बन सके।

शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत करने का माध्यम बनेगी हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह हेल्पलाइन व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना जाएगा और उनके समाधान की दिशा में तेजी से कार्रवाई की जाएगी। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक मजबूती मिलेगी।