छत्तीसगढ़ के मुंगली से ऐसा ही एक ममता को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक मां एक दिन की नवजात बच्ची को कड़ाके की ठंड में  पिल्लों के पास छोड़कर चली गई। हैरानी की बात यह है कि हाड़-मांस कंपा देने वाली ठंड में मासूम के तन पर एक कपड़ा भी नहीं था। 

मुंगेली (छत्तीसगढ़). एक तरफ जहां दंपत्ति संतान पैदा होने के लिए दर-दर भटकते हैं, कभी तो उनकी गोद भर जाए। वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो जन्म के बाद नवजातों को मरने के लिए छोड़ देते हैं। छत्तीसगढ़ के मुंगली से ऐसा ही एक ममता को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक मां एक दिन की नवजात बच्ची को कड़ाके की ठंड में पिल्लों के पास छोड़कर चली गई।

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कुत्तों के मुंह का निवाला बनने से पहले ही बचा लिया
दरअसल, मानवता को शर्मसार करने वाला मामला लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम सारीसताल का है। जहां कोई महिला अपने एक दिन के जन्मे जिगर के टुकड़े को कुत्तों के बच्चों के बीच फेंक कर चली गई। हैरानी की बात यह है कि हाड़-मांस कंपा देने वाली ठंड में मासूम के तन पर एक कपड़ा भी नहीं था। गनीमत रही कि मासूम के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने बच्चे को देखा और कुत्ते के मुंह का निवाला बनने से पहले ही उसे बचा लिया।

रातभर पिल्लों के साथ रही मासूम..लेकिन कुछ भी नहीं हुआ
गांव के लोगों ने पुलिस को बताया कि हैरानी की बात यह है कि मासूम नवजात पूरी रतभर कुत्ते के पिल्लों के साथ रही, लेकिन पिल्लों ने उसका कुछ नहीं बिगाड़ा। इतना ही नहीं कड़ाके की ठंड के बाद भी बच्ची को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। अब पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है

मासूम के माता-पिता के बारे में कोई पता नहीं
ग्रामीणों ने बच्चे को उठाने के बाद इसकी जानकारी लोरमी पुलिस को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और जिला प्रशासन की टीम पहुंची और नवजात को लेकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले की जांच कर रहे एएसआई चिंताराम बिंझवार ने बताया कि बच्ची पूरी तरह से सुरक्षित है। बाद बच्चे को चाइल्ड केयर मुंगेली रेफर कर दिया गया है और बच्ची के माता-पिता के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।