2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने गढ़ में वापसी करने के इरादे से चुनावी मैदान में उतरी हुई है। 1993 में विधानसभा क्षेत्र के गठन के बाद बीजेपी उम्मीदवार रहे मदन लाल खुराना को जीत मिली थी। 

नई दिल्ली. मोतीनगर सीट से भाजपा ने सुभाष सचदेवा को उम्मीदवार बनाया था। उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर आप ने दोबार कब्जा जमा लिया है। जिसमें आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक शिव चरण गोयल को 60 हजार से अधिक वोट मिले हैं। जबकि भाजपा के उम्मीदवार 46 हजार वोट हासिल हुए। वहीं, कांग्रेस पार्टी फिर तीसरे नंबर पर आ गई है। 

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1993 में कांग्रेस को मिली जीत 

2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने गढ़ में वापसी करने के इरादे से चुनावी मैदान में उतरी हुई है। वहीं, आम आदमी पार्टी दोबारा अपने जीत का परचम लहराने की कोशिश कर रही है। 1993 में विधानसभा क्षेत्र के गठन के बाद बीजेपी उम्मीदवार रहे मदन लाल खुराना को जीत मिली थी। जिसके बाद उन्हें दिल्ली का सीएम बनाया गया था। इस चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस प्रत्याशी रहे अंजली राम को 9138 वोटों से हराया था। इस सीट पर भाजपा ने लगातार 6 चुनावों में जीत हासिल की। 

2015 का यह है गणित 

2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीटों पर जीत हासिल की थी। जिसमें मोतीनगर की भी सीट शामिल है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार शिव चरण गोयल को 60223 वोट मिले। जबकि दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी उम्मीदवार सुभाष सचदेवा को 45002 मत मिले थे। यानी आप पार्टी न बीजेपी के उम्मीदवार को 15221 वोटों से मात दी थी। 

मोती नगर नई दिल्ली क्षेत्र में आता है। यह मुख्य रूप से एक रिहायशी इलाका है, लेकिन यहां बड़े बाजार, मॉल, हॉस्पिटल और स्कूल हैं। यहां तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। यह दिल्ली के विकसित इलाकों में गिना जाता है। यहां का श्री सनातन धर्म मंदिर और सनातन धर्म पुरी मंदिर काफी प्रसिद्ध है। यहां सिंधी समाज का श्री झूलेलाल मंदिर है जो 1967 में बना था। इसके अलावा गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा भी है।