कानूनी वजहों से फांसी पर रोक के बाद निर्भया के माता-पिता ने राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए। अदालत के फैसले के तुरंत बाद मीडिया के सामने निर्भया के पिता ने कहा कि इसके लिए केजरीवाल सरकार जिम्मेदार है।  

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप मामले में चारों दोषियों की डेथ वारंट पर रोक के बाद मामला राजनीतिक रूप से टूल पकड़ चुका है। कानूनी वजहों से फांसी पर रोक के बाद निर्भया के माता-पिता ने राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए। अदालत के फैसले के तुरंत बाद मीडिया के सामने निर्भया के पिता ने कहा कि इसके लिए केजरीवाल सरकार जिम्मेदार है। 

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दिल्ली में इस वक्त चुनाव हो रहे हैं। निर्भया के माता पिता का बयान आते ही बीजेपी नेताओं ने आप सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घेर लिया है। मॉडल टाउन से बीजेपी उम्मीदवार और दिल्ली के फायर ब्रांड नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर गुस्सा जताया। कपिल ने लिखा, "निर्भया की मां की आंखों से निकला एक एक आंसू, मुंह से निकली एक एक हाय केजरीवाल की सत्ता को भस्म कर देगी।"

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दिल्ली में बीजेपी के तमाम नेताओं ने मुद्दा बनाते हुए कड़े ट्वीट किए और केजरीवाल सरकार पर दोषियों की फांसी लटकाने का आरोप मढ़ा। फांसी की सजा का ऐलान होने पर भी दिल्ली बीजेपी ने केजरीवाल पर निशाना साधा था। पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा कि निर्भया के नाबालिग दोषी के पुनर्वास के लिए केजरीवाल सरकार ने सिलाई मशीन देने के साथ आर्थिक मदद की। कांग्रेस ने भी आप सरकार पर निशाना साधा है। 

केजरीवाल ने फैसले पर जताया दुख 
उधर, शुक्रवार को फांसी टलने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दुख जताया। केजरीवाल ने ट्वीट में लिखा, "मुझे दुख है की निर्भया के अपराधी कानून के दांव पेंच ढूंढकर फांसी को टाल रहे हैं। उनको फांसी तुरंत होनी चाहिए। हमें हमारे कानून में संशोधन करने की सख्त जरूरत है ताकि रेप के मामलों में फांसी 6 महीने के अंदर हो।"

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दिल्ली चुनाव में निर्भया ए दोषियों की फांसी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। बताते चलें कि तमाम राजनीतिक पार्टियों ने दिल्ली में महिला सुरक्षा पर चुनावी वादे करते नजर आए हैं। बीजेपी ने बाकायदा अपने संकल्प पत्र में महिलाओं की सुरक्षा को एक मुद्दा बनाया है।