सांसद जसबीर सिंह डिंपा अपने भाई राजन गिल और बेटे उपदेश गिल को टिकट ना दिए जाने से नाराज चल रहे हैं। कांग्रेस ने खडूर साहिब से दूसरी बार विधायक रमनजीत सिंह सिक्की को मैदान में उतारा है। इस वजह से डिंपा समय-समय पर पार्टी नेताओं पर खुलकर हमले करते हैं।

चंडीगढ़। पंजाब में चुनाव से पहले कांग्रेस में अंदरखाने की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है। अब पंजाब कांग्रेस में नाराज चल रहे खडूर साहिब से सांसद जसबीर सिंह डिंपा ने शनिवार सुबह एक और धमाका कर दिया। उन्होंने ट्वीट किया और बिना नाम लिए सीधे तौर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को निशाने पर लिया। डिंपा ने हमला भी बेहद तीखे अंदाज में किया। उन्होंने कैंपेनिंग कमेटी के चेयरमैन सुनील जाखड़ की खबर को रिट्वीट किया और कहा- बिल्कुल सही कहा सुनील जाखड़, अपरिपक्व, अक्षम, भ्रष्ट लोग ठग ऑफ बाड़मेर जैसे पंजाब कांग्रेस में वर्तमान गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं। बता दें कि हरीश चौधरी राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं और वहां बायतू सीट से कांग्रेस विधायक हैं।

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बेटे और भाई को टिकट ना दिए जाने से नाराज हैं डिंपा
गौरतलब है कि सांसद जसबीर सिंह डिंपा अपने भाई राजन गिल और बेटे उपदेश गिल को टिकट ना दिए जाने से नाराज चल रहे हैं। कांग्रेस ने खडूर साहिब से दूसरी बार विधायक रमनजीत सिंह सिक्की को मैदान में उतारा है। इस वजह से डिंपा समय-समय पर पार्टी नेताओं पर खुलकर हमले करते हैं। एक दिन पहले पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी पर हमला बोला था। इसी खबर को डिंपा ने रिट्वीट करके तीखी प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले भी हरीश चौधरी की कार्यशैली पर कई बार सवाल उठ चुके हैं।

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इससे पहले कहा था- ईमारदार उम्मीदवारों को वोट दें
बता दें कि कुछ दिन पहले जब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी यहां सिक्की का चुनाव प्रचार करने के लिए खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र पहुंचे तो डिंपा रैली में शामिल नहीं हुए थे। इतना ही नहीं, वे राहुल गांधी की जालंधर और फिर लुधियाना की रैलियों से भी नदारद रहे। इस बीच, उन्होंने एक चौंकाने वाला ट्वीट किया और कहा- हमें पार्टी स्तर से ऊपर उठकर ईमानदार उम्मीदवारों को वोट देना चाहिए। उनके ट्वीट के कुछ ही घंटे बाद उनके भाई राजन गिल शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए। 

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किसान आंदोलन में जंतर-मंतर पर धरने में बैठे रहे डिंपा
डिंपा कांग्रेस के उन सांसदों में से एक थे, जो किसान आंदोलन के दौरान खुलकर सरकार के खिलाफ थे और किसानों की मांगों के समर्थन में दिल्ली के जंतर मंतर पर लंबे समय से धरने पर बैठे थे। तरनतारन जिले की खडूर साहिब लोकसभा सीट से कांग्रेस 42 साल बाद जीती है और डिंपा सांसद बने हैं।