अमित शाह ने दावा किया कि अबकी बार पंजाब में एनडीए की सरकार बनने जा रही है। ऐसा होने पर राज्य को नशामुक्त बना देंगे। यहां से ड्रग की विदाई कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में एनडीए की सरकार आती है तो धर्म परिवर्तन की समस्या खत्म कर दी जाएगी। 

लुधियाना : पंजाब में सात दिन बाद मतदान है और सियासी दलों ने अपनी-अपनी पार्टी की जीत के लिए पूरा दमखम लगा दिया है। इसी कड़ी में रविवार को बीजेपी (BJP) की तरफ से केंद्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मैदान संभाला। किसान आंदोलन के बाद पहली बार पंजाब पहुंचे शाह ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया साथ ही बीजेपी के विकास का खाका भी जनता के बीच खींचा। उन्होंने सिखों के दस गुरुओं को नमन कर अपने संबोधन की शुरुआत की और नशा मुक्त पंजाब का नारा दिया। 

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विपक्षी दलों पर शाह के हमले
अमित शाह ने कांग्रेस (Congress), आम आदमी पार्टी (AAP) समेत अन्य विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जनता से पूछा कि क्या चन्नी के नेतृत्व में पंजाब सुरक्षित रह सकता है? जहां पीएम को सुरक्षा न दी जा सके, वहां सुरक्षा की बात भी बेमानी लगती है। कांग्रेस को यह जान लेना चाहिए कि देश चलाना कोई कॉमेडी फिल्म नहीं है। शाह ने चन्नी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें एक सेंकड भी यहां शासन करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने सीएम चन्नी से सिख दंगों पर जवाब मांगा और कहा कि आज भी देश उस दंगे को भूल नहीं पाया है।

नशामुक्त पंजाब बनाएंगे
इस दौरान अमित शाह ने दावा किया कि अबकी बार पंजाब में एनडीए की सरकार बनने जा रही है। ऐसा होने पर राज्य को नशामुक्त बना देंगे। यहां से ड्रग की विदाई कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में एनडीए की सरकार आती है तो धर्म परिवर्तन की समस्या खत्म कर दी जाएगी। धर्म परिवर्तन कराने वाले पंजाब के बाहर दिखाई देंगे। 

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केजरीवाल पर निशाना
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर वार करते हुए अमित शाह ने कहा कि केजरीवाल साहब सिर्फ वोट की राजनीति करते हैं। इनका सुरक्षा से कोई लेना देना ही नहीं है। इनका बस चले तो आतंकवादियों को खुली छूट दे देंगे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल कहते है कि उनकी सरकार आती है तो वो नशे को भगाएंगे। दिल्ली को नशे में डुबोने के बाद कहते हैं कि पंजाब को नशा मु्क्त पंजाब बनाएंगे। 

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कांग्रेस से नहीं संभलती देश की सुरक्षा
यूपीए सरकार में प्रदेश में हर रोज आतंकी घुसते थे लेकिन हमने 10 दिन में पाकिस्तान में घुस कर एयर स्ट्राइक की और दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए। हमारी सरकार फौजी भाइयों के भविष्य का सोचती है। पीएम मोदी ने 2014 में देश की सत्ता संभाली थी और 2015 में वन रैंक वन पेंशन दिया गया।

पंजाब में कब है चुनाव
पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अब 20 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। सभी दलों के साथ बैठक के बाद चुनाव आयोग ने पोलिंग डेट आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले पंजाब में 14 फरवरी को वोटिंग की तारीख थी लेकिन 16 फरवरी को रविदास जयंती होने के चलते राजनीतिक दलों ने चुनाव टालने की मांग की थी। 10 मार्च को नतीजे आएंगे। इस बार पंजाब में कांग्रेस सत्ता में वापसी की राह देख रही है तो आम आदमी पार्टी, अकाली दल गठबंधन, बीजेपी गठबंधन के साथ-साथ किसान मोर्चे भी कांग्रेस को टक्कर मिल रही है।

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