एक्ट्रेस संदीपा विर्क को ₹6 करोड़ की धोखाधड़ी में 4 महीने तिहाड़ जेल में बिताने पड़े। जमानत के बाद उन्होंने जेल के दर्दनाक अनुभव और खराब हालातों को साझा किया। यह अनुभव उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ देने वाला था।

साउथ की फिल्मों में मोहनलाल के साथ 'शिकार' और अजित कुमार के साथ 'मनकथा' जैसी हिट फिल्में कर चुकीं एक्ट्रेस संदीपा विर्क कुछ समय पहले काफी मुश्किल दौर से गुज़रीं. उन्हें 6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के एक मामले में ED ने गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद उन्हें चार महीने तिहाड़ जेल में बिताने पड़े. हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिली है. अब एक इंटरव्यू में संदीपा ने जेल में बिताए उन दिनों के दर्दनाक अनुभव को साझा किया है, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं.

संदीपा ने बताया कि तिहाड़ जेल में रहते हुए वह भगवान से प्रार्थना करती थीं कि उन्हें मौत आ जाए. उन्होंने उस पल को सबसे दर्दनाक बताया जब उनके माता-पिता उनसे जेल में मिलने आए थे. संदीपा ने कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगी कि उनकी वजह से उन्हें वहां आना पड़ा.

संदीपा ने आगे कहा, "मैं तो यही दुआ करूंगी कि मेरे दुश्मन को भी तिहाड़ जेल न जाना पड़े. जेल के हालात बहुत खराब थे. हमें सिर्फ फर्श पर सोना पड़ता था. बाथरूम बेहद गंदे थे और खाना तो ऐसा था कि उसे खाना नामुमकिन था. कुछ पुलिसवाले अच्छे से पेश आते थे, तो कुछ ऐसे भी थे जो अपना सारा गुस्सा कैदियों पर निकालते थे. जेल की जिंदगी ने मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया. मैं 500 लोगों के साथ रहती थी. मेरी सेहत इतनी बिगड़ गई थी कि एक वक्त ऐसा आया जब मैं किसी के सहारे के बिना खड़ी भी नहीं हो पाती थी. आज भी जब मैं उन दिनों के बारे में सोचती हूं तो रोना आ जाता है." संदीपा ने ये बातें सिमरन जोट के साथ एक इंटरव्यू के दौरान कहीं.