90 के दशक के पॉपुलर एक्टर चंद्रचूड़ सिंह ने ‘माचिस’, ‘जोश’ और ‘क्या कहना’ जैसी फिल्मों से बड़ी पहचान बनाई थी। हालांकि, बाद में एक हादसे ने उनके अच्छे-भले करियर पर लंबा ब्रेक लगा दिया। बाद में उन्होंने कमबैक तो किया, लेकिन वो असर नहीं छोड़ पाए। आखिर अब कहां और किस हाल में हैं चंद्रचूड़ सिंह?

Chandrachur Singh Latest News: 90 के दशक में शायद ही कोई ऐसा दर्शक होगा जिसने चंद्रचूड़ सिंह को फिल्मों में न देखा हो। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शानदार तरीके से की थी और बहुत कम समय में इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली थी। फिल्म ‘माचिस’ (1996) में उनके दमदार अभिनय ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई। इसके बाद ‘जोश’ (2000) और ‘क्या कहना’ (2000) जैसी फिल्मों से वह रातों-रात स्टार बन गए। हालांकि, एक हादसे ने उनके पूरे करियर की दिशा बदल दी। क्या आप जानते हैं, चंद्रचूड़ सिंह अब कहां और क्या कर रहे हैं?

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गोवा हादसे ने बदल दी जिंदगी

चंद्रचूड़ सिंह का करियर उस समय अचानक रुक गया, जब गोवा में वॉटर-स्कीइंग के दौरान उनका गंभीर एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में उनके दाहिने कंधे की हड्डी कई जगह से खिसक गई और जोड़ में गंभीर चोट आई। इस चोट से उबरने में उन्हें काफी लंबा समय लगा। इलाज के दौरान उन्हें फिल्मों से दूर रहना पड़ा और उनका वजन भी काफी बढ़ गया। पूरी तरह ठीक होने में उन्हें करीब 8 साल लग गए। इसी दौरान उन्हें फिल्मों के ऑफर भी कम मिलने लगे।

मुश्किल दौर पर क्या बोले थे चंद्रचूड़ सिंह?

2020 में दिए एक इंटरव्यू में चंद्रचूड़ सिंह ने अपने संघर्ष भरे दौर के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा था कि वह निराशा के दौर से जरूर गुजरे, लेकिन बाद में उन्होंने हालात को स्वीकार कर लिया। उनका मानना था कि ‘माचिस’ जैसी फिल्म से शुरुआत करने के बाद लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा अपनी क्षमता के दम पर काम करना चाहते थे और अपने काम को लेकर कभी खुद को कम नहीं आंकना चाहते थे।

OTT पर की वापसी

लंबे समय बाद चंद्रचूड़ सिंह ने सुष्मिता सेन की वेब सीरीज ‘आर्या’ से OTT प्लेटफॉर्म पर वापसी की। इसके बाद उन्हें अक्षय कुमार के साथ रंजीत तिवारी की साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘कठपुतली’ (2022) में भी देखा गया।

अब बेटे के साथ जी रहे हैं शांत जिंदगी

चंद्रचूड़ सिंह अब एक शांत और निजी जिंदगी जी रहे हैं। उनकी शादी अवंतिका मनकोटिया से हुई थी, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। अब वह अपने बेटे शारनजय की परवरिश पर ज्यादा ध्यान देते हैं और कभी-कभार अभिनय करते नजर आते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उन्होंने हमेशा अपनी काबिलियत के आधार पर काम हासिल करना पसंद किया। उन्होंने माना कि उनसे भी कुछ गलतियां हुईं, लेकिन अब वह पहले से ज्यादा समझदार हो चुके हैं और लंबे समय तक इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए तैयार हैं।

राजनीति और राजघराने से जुड़ा है परिवार

चंद्रचूड़ सिंह एक प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता बलदेव सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके हैं। वहीं उनकी मां कृष्णा कुमारी देवी ओडिशा के बोलांगीर राजघराने से संबंध रखती हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई देहरादून के मशहूर ‘द दून स्कूल’ से की और बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी के ‘सेंट स्टीफंस कॉलेज’ से ग्रेजुएशन पूरा किया।

IAS बनने की तैयारी से फिल्मों तक का सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि चंद्रचूड़ सिंह शुरुआत में अभिनेता नहीं बनना चाहते थे। उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी की थी और IAS अधिकारी बनने का सपना देखा था। वह एक ट्रेंड क्लासिकल सिंगर भी हैं। एक्टिंग में आने से पहले उन्होंने ‘वसंत वैली स्कूल’ में संगीत शिक्षक और ‘द दून स्कूल’ में इतिहास शिक्षक के रूप में भी काम किया था।

‘माचिस’ फिल्म ने दिलाई असली पहचान

चंद्रचूड़ सिंह ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1996 में आई रोमांटिक फिल्म ‘तेरे मेरे सपने’ से की थी। इस फिल्म में उनके साथ अरशद वारसी और सिमरन भी नजर आए थे। फिल्म को अमिताभ बच्चन के प्रोडक्शन हाउस ‘ABCL’ ने बनाया था। हालांकि उन्हें असली पहचान गुलजार की फिल्म ‘माचिस’ से मिली। फिल्म में उन्होंने एक ऐसे सिख युवक का किरदार निभाया था जो हालात के कारण उग्रवाद की राह पर चला जाता है। उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने काफी पसंद किया। इस भूमिका के लिए उन्हें ‘बेस्ट मेल डेब्यू’ का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।

‘जोश’ और ‘क्या कहना’ से बने बड़े स्टार

‘माचिस’ की सफलता के बाद चंद्रचूड़ सिंह ने कई बड़ी फिल्मों में काम किया। उन्होंने मल्टीस्टारर और रोमांटिक फिल्मों में मुख्य अभिनेता के तौर पर अपनी मजबूत जगह बनाई। उनकी चर्चित फिल्मों में ‘दाग: द फायर’ (1999), ‘दिल क्या करे’ (1999), शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय के साथ ‘जोश’ (2000) और प्रीति जिंटा के साथ ‘क्या कहना’ (2000) शामिल हैं।