नेटफ्लिक्स की क्राइम थ्रिलर ‘अक्का’ में कीर्ति सुरेश और राधिका आप्टे आमने-सामने हैं। 1980 के दशक के एक महिला-प्रधान कस्बे की सत्ता, विरासत और गैंगस्टर दुनिया की कहानी को कितना स्टार मिला है और क्या यह सीरीज इस वीकेंड में देखा जा सकता है, आइए बताते हैं।
नेटफ्लिक्स पर 30 अक्टूबर को ‘अक्का’ (Akka) रिलीज हो गया है। यह एक ऐसी क्राइम थ्रिलर सीरीज है, जहां कहानी की कमान पुरुषों के बजाय महिलाओं के हाथ में है। यहां महिलाएं सिर्फ परिवार और समाज के फैसले नहीं लेतीं, बल्कि एक पूरे इलाके की सत्ता, कारोबार और गैंगस्टर नेटवर्क भी संभालती हैं। कीर्ति सुरेश और राधिका आप्टे की दमदार टक्कर इस सीरीज को खास बनाती है। नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही इस सीरीज को कई वेबसाइट ने 5 में से 3.5 स्टार दिए हैं।
क्या है ‘अक्का’ की कहानी?
‘अक्का’ की कहानी 1980 के दशक के काल्पनिक दक्षिण भारतीय कस्बे पेरुनुरु (Perunuru) की है। पश्चिमी घाट और अरब सागर के बीच बसे इस कस्बे में महिलाओं का दबदबा है। यहां पीढ़ियों से महिलाओं का एक पावरफुल वर्ग सत्ता और व्यवस्था संभालता आया है। पुरुषों को इस व्यवस्था के सामने झुकना पड़ता है। कहानी के केंद्र में दो मजबूत महिला किरदार हैं- भवानी और रुद्रा। भवानी का किरदार कीर्ति सुरेश ने निभाया है, जबकि राधिका आप्टे रुद्रा के रूप में नजर आती हैं। भवानी अपने परिवार की करीब 800 साल पुरानी विरासत और इलाके पर उसके नियंत्रण को बचाना चाहती है। इसी बीच एक बाहरी महिला रुद्रा का आना उसकी दुनिया में हलचल मचा देता है।वहीं, रुद्रा की महत्वाकांक्षा और बदले की भावना उसे भवानी के सामने खड़ा कर देती है। इसके बाद शुरू होती है सत्ता, परिवार और पुराने रिश्तों की खींचतान। सीरीज की कहानी अलग-अलग समय के बीच आती-जाती है और पेरुनुरु में महिलाओं के इस ताकतवर समूह की शुरुआत से जुड़े पहलुओं को भी सामने लाती है।
कीर्ति सुरेश और राधिका आप्टे की दमदार भिड़ंत
सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसके दोनों मुख्य कलाकार हैं। भवानी के किरदार में कीर्ति सुरेश ने भावनाओं और मजबूती का अच्छा मेल दिखाया है। वह एक तरफ अपनी विरासत बचाने की कोशिश करती है, तो दूसरी तरफ लगातार बदलते हालात और मुश्किल फैसलों से जूझती है। वहीं राधिका आप्टे का रुद्रा वाला किरदार महत्वाकांक्षी, रहस्यमयी और कई परतों वाला है। वह पेरुनुरु की सत्ता को चुनौती देने के इरादे से आती है। दोनों कलाकारों के बीच टकराव वाले दृश्य सीरीज के सबसे प्रभावशाली हिस्सों में शामिल हैं।
महिलाओं की सत्ता और उनकी दुनिया
‘अक्का’ की खास बात यह है कि यह सिर्फ महिलाओं के वर्चस्व की कहानी नहीं है। इसमें महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने के अधिकार जैसे मुद्दों को भी जगह दी गई है। पेरुनुरु में बेटी के जन्म को खुशी के साथ देखा जाता है। महिलाओं के लिए पढ़ाई और काम करना जरूरी माना जाता है। यहां शादी को भी हर महिला के जीवन का अनिवार्य हिस्सा नहीं समझा जाता, क्योंकि कस्बे की विरासत और जिम्मेदारियों को संभालना उनके लिए ज्यादा अहम है।
सहायक कलाकार और तकनीकी पक्ष
सीरीज में तन्वी आजमी, अंशुमान पुष्कर और महेश मांजरेकर भी अहम भूमिकाओं में हैं। तन्वी आजमी पेरुनुरु की प्रभावशाली महिलाओं में से एक का किरदार निभाती हैं। महेश मांजरेकर का किरदार भी कहानी के आखिरी हिस्से में एक अहम खुलासा करता है।
और पढ़ें: नहीं रहे ‘एक्स-मेन’ के प्रोफेसर एक्स, 86 साल की उम्र में पैट्रिक स्टीवर्ट ने ली आखिरी सांस
कितनी खास है ‘अक्का’?
कुल मिलाकर ‘अक्का’ एक ऐसी क्राइम थ्रिलर है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत कीर्ति सुरेश और राधिका आप्टे की परफॉर्मेंस है। कुछ हिस्सों में कहानी कई टाइमलाइन के बीच घूमती है, लेकिन दोनों मुख्य किरदारों की भिड़ंत दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखती है। इस वीकेंड आप इस सीरीज को नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।
और पढ़ें: Netflix पर आएंगी PUBG से Minecraft तक की फिल्में-सीरीज, 13 वीडियो गेम्स की जानें लिस्ट




