Amitabh Bachchan Birthday Special: अमिताभ बच्चन के 84वें जन्मदिन पर लौटिए उन फिल्मी पलों की दुनिया में, जिनके डायलॉग आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं। ये 84 लाइनें याद हैं आपको?

कुछ आवाजें वक्त के साथ धुंधली पड़ जाती हैं, लेकिन कुछ की गूंज पीढ़ियों तक सुनाई देती है। अमिताभ बच्चन की आवाज, उनका अंदाज और पर्दे पर बोलने का वो खास तरीका आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार पलों की याद दिलाता है। उनके 84वें जन्मदिन पर हम लेकर आए हैं 84 ऐसे फिल्मी डायलॉग्स का खास कलेक्शन, जिनसे कभी सिनेमाघरों में तालियां गूंजीं, तो कभी दर्शकों ने उन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लिया। लेकिन इनमें से कितने डायलॉग्स आपको आज भी शब्द-दर-शब्द याद हैं? अपनी याददाश्त को परखिए और बिग बी के इस सिनेमाई सफर में फिर से खो जाइए।

अमिताभ बच्चन के 84 डायलॉग्स

1. ये इंसान नहीं है... ये तो मशीन है... ऐसी मशीन जो सिर्फ नोट छापती है और नोट खाती है (शराबी)

2.शराब की बोतल पर अगर मैं लेबल की तरह चिपक गया हूं... तो इस लेबल को चिपकाने वाले आप हैं (शराबी)

3. इस दुनिया में तरक्की करने के लिए... न बोलना बहुत ज़रूरी है (अग्निपथ)

4.पैसा तो हर कोई कमा लेता है... लेकिन इज्जत कमाना सबके बस की बात नहीं (कभी ख़ुशी कभी ग़म)

5.तुम्हारा नाम क्या है बसंती? (शोले)

6.इतना मत सोचो...सोच गहरी हो जाये...तो फैसला कमज़ोर हो जाते हैं (खुदा गवाह)

7.दुश्मन से अगर फायदा हो... तो उसको अपना दोस्त बना लो (अग्निपथ)

8.तेरे हाथ में मौत का सामान है तो...मेरे सीने पर खुदा का नाम है (कुली)

9.आज इतनी भी मयस्सर नहीं मैखाने में... जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में (शराबी)

10.मैं और मेरी तन्हाई, अक्सर ये बातें करती हैं... तुम होती तो कैसी होती... तुम ये कहती, तुम वो कहती, तुम इस बात पे हैरां होती, तुम उस बात पे कितनी हंसती... तुम होती तो ऐसा होता, तुम होती तो वैसा होता... मैं और मेरी तन्हाई, अक्सर ये बातें करते हैं (सिलसिला)

11.जिस देश में पैदा हुए हो तुम, उस देश के अगर तुम भक्त नहीं... नहीं पिया दूध माँ का तुमने, और बाप का तुम में रक्त नहीं(अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो)

12.हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है (कालिया)

13.ज़िंदगी में लोग मोहब्बत के सहारे जीते हैं... मैं आपकी नफ़रत के सहारे जिऊंगा (मुकद्दर का सिकंदर)

14.मुझे जो सही लगता है मैं करता हूं... वो चाहे भगवान के खिलाफ हो, समाज के खिलाफ हो, पुलिस, कानून... या फिर गरीब सिस्टम के खिलाफ क्यों ना हो (सरकार)

15.डॉन का इंतज़ार तो ग्यारह मुल्कों की पुलिस कर रही है (डॉन)

16.एक बाप अगर अपने बेटे की जिंदगी का पहला कदम उठाने में उसकी मदद कर सकता है... तो वही बेटा अपने बाप के आखिरी कदम उठाने में उसे सहारा क्यों नहीं दे सकता? (बागबान)

17.मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता (दीवार)

18.फूल खामोश रहकर भी अपने रंग और खुशबू से बहुत कुछ कह जाते हैं (सिलसिला)

19.जो बच्चे अपने माँ बाप को प्यार नहीं दे सकते, सहारा नहीं दे सकते, मान सामान नहीं दे सकते ... उन्हें मैं कभी माफ़ नहीं करता (बागबान)

20. जान लेना जुर्म है ... सही समय पे जान लेना ... राजनीति (सरकार राज)

21. मुझे तो सब पुलिस वालों की सूरतें एक जैसी लगती हैं (शोले)

22. रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप होते हैं...नाम है शहंशाह।' (शहंशाह)

23.मैं कानून का बाज़ू नहीं खुद कानून बनाऊंगा... और ऐसा कानून जो खुद मुजरिमों को पकड़ेगा, खुद मुकदमा सुनेगा... और उनका फैसला भी खुद करेगा (शहंशाह)

24.जब तक बैठने को ना कहा जाए शराफत से खड़े रहो...ये पुलिस स्टेशन है...तुम्हारे बाप का घर नहीं (ज़ंजीर)

25.ये तुम जानती हो कि ये रिवॉल्वर खाली है... मैं जानता हूं कि ये रिवॉल्वर खाली है... लेकिन पुलिस नहीं जानती कि ये रिवॉल्वर खाली है (डॉन)

26.नज़दीकी फ़ायदा देखने से पहले... दूर का नुक्सान सोचना चाहिए (सरकार)

27.हर बड़ी कामयाबी के पीछे... एक बहुत बड़ा बलिदान होता है (मोहब्बतें)

28.तुम हो तो हम हैं... हम हैं तो सब कुछ है... वरना कुछ नहीं, कुछ भी नहीं (बागबान)

29.सवाल जिस ज़बान में दिया जाए... जवाब हमें ही ज़बान में देना चाहिए (अग्निपथ)

30.शहंशाह जहां खड़े हो जाते हैं...वहीं दरबार लग जाते हैं (शहंशाह)

31. सूर्यवंश एक आग है... इसमें दोस्तों के लिए जितनी ज्योति है... दुश्मनों के लिए उतनी ही ज्वाला (सूर्यवंशम)

32.बदले की इस भावना को मन से निकाल दो...ये वो खेल है जो शुरू हो जाए तो खेलने वाले ख़तम हो जाते हैं...पर खेल ख़तम नहीं होता (कसमें वादे)

33.कभी रास्ते में मिल जाओ तो कतराकर गुजर जाना...हमें इस तरह तकना जैसा पहचान नहीं तुमने...हमारा जिक्र जब आए तो यूं अंजान बन जाना...जैसा नाम सुनकर भी हमें जाना नहीं तुमने (कभी कभी)

34.आज कल के दौर में हंसी की फसल उगती कहां है?(शराबी)

35. पापी को मत मारो... पापी के दिल के अंदर जो शैतान बहता हुआ है, उसे मारो (नमक हराम)

36.गलत चीज़ बनाया टेलीफोन... उधर से आदमी सुनता कुछ है, बोलता कुछ है, करता कुछ है (अग्निपथ)

37.डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं... नामुमकिन है (डॉन)

38.प्यार ही तो वो जादू है... जो उम्र भर जवान बनाए रखता है (बागबान)

39.तुम्हारे बगैर तो हम सिर्फ जी रहे थे... दिल ने धड़कना तो उस दिन शुरू किया जिस दिन आपको हमें मिली (बागबान)

40.बड़ों का गुस्सा बड़ों का प्यार होता है (कभी ख़ुशी कभी ग़म)

41.आज खुश तो बहुत होंगे तुम? (दीवार)

42.मूंछें हों तो नत्थूलाल जैसी हों... वरना न हों (शराबी)

43.आई कैन टॉक इंग्लिश, आई कैन वॉक इंग्लिश, आई कैन लाफ इंग्लिश...बिकॉज़ इंग्लिश इस अ वैरी फनी लैंग्वेज (नमक हलाल)

44. जिसने पी नहीं व्हिस्की... किस्मत फूट गई उसकी (शराबी)

45.दुनिया के सामने हाथ नहीं जोड़ते... वरना काम निकल जाने के बाद दुनिया वाले हाथ तोड़ देते हैं (शराबी)

46.कहने को यह शहर है, सिर्फ कहने को... पर इधर जंगल का कानून चलता है (अग्निपथ)

47.खेल खेल में, खेल खेल के, खेल खेल यह आ जाएगा ... हार जीत से, हार जीत के, जीत हारना सिखाएगा ... खेल खेल में (वजीर)

48.आपने जेल की दीवारों और जंजीरों का लोहा देखा है जेलर साहब... कालिया की हिम्मत का फौलाद नहीं देखा (कालिया)

49.आदमी दी जिंदगी विच जब सही औरत आ जांदी है ना...तब वो जिंदगी पूरी तरह जींदा है (वीर जारा)

50.मां-बाप ज़िंदगी के पेड़ की जड़ है (बागबान)

51.मैं मरूंगा तो बुलेट से ही मरूंगा... बीपी या शुगर से नहीं (बुड्ढा होगा तेरा बाप)

52.आपका कानून किसी इंसान को एक ही जुर्म के लिए दो बार सजा नहीं दे सकता (अंधा क़ानून)

53.वादे अक्सर टूट जाते हैं... कोशिशें कामयाब हो जाती हैं (शराबी)

54.समुंदर में तैरने वाले... कुओं और तालाबों में डुबकियां नहीं लगाया करते (शराबी)

55.शराबी को शराबी नहीं तो क्या पुजारी कहोगे...गेहूं को गेहूं नहीं तो क्या ज्वारी कहोगे (शराबी)

56.जाहिल की बातों का जवाब...खामोशी होता है (खुदा गवाह)

57.बचपन से दुखों का इतना बोझ उठाया है...कि अब और बोझ उठाने की हिम्मत नहीं रही (सूर्यवंशम)

58."न" सिर्फ एक शब्द नहीं... अपने आप में एक पूरा वाक्य है... इसमें किसी तर्क, स्पष्टीकरण, एक्सप्लेनेशन या व्याख्या की जरूरत नहीं होती... न का मतलब न ही होता है (पिंक)

59.मुझे दो तरह की लड़कियाँ पसंद नहीं आती... एक वो जो मेरे पास आने में बहुत देर लगाये... और एक वो जो बहुत जल्दी आ जाये(डॉन)

60.मजदूर का पसीना सूखने से पहले, उसकी मजदूरी मिल जानी चाहिए जनाब (कुली)

61.वो बात जो लफ्ज़ो में अदा हो जाए...वो बात ही क्या हुई (सिलसिला)

62.खुदा के करम से, ईश्वर की कृपा से और जनता की डिमांड से (बड़े मियां छोटे मियां)

63.मानता हूं कि ज़िंदगी की ताकत मौत से ज़्यादा बढ़ी है... लेकिन यह ज़िंदगी क्या मौत से बेहतर नहीं (आनंद)

64.डॉन जख्मी है तो क्या... फिर भी डॉन है (डॉन)

65.ऊपर वाला भूखा जगाता ज़रूर है... लेकिन भूखा सुलता नहीं (मर्द)

66.मेरे दिल का वो हिस्सा... कम्बख्त मेरा कब था (कभी कभी)

67.न मौत आती है, न तुम आती हो... पर ज़ोहरा बाई तुम बहुत अच्छी गाती हो (मुकद्दर का सिकंदर)

68.तेरा हाथ, हाथ में हो अगर... तो सफर ही असली-हयात है... मेरे हर कदम पे है मंजिल में... तेरा प्यार गर मेरे साथ है (कभी कभी)

69.दो लफ़्ज़ हैं... तन्हा, अकेले... लेकिन एक साथ लिख दिए जाएं तो एक दुनिया, एक कायनात, एक तलाश, एक लम्हा, एक खुशी बन सकते हैं (सिलसिला)

70.हमारी ज़िंदगी का तंबू तीन बम्बुओं पे खड़ा हुआ है ... शायरी, शराब और आप (शराबी)

71.ये मेरा उसूल है...मैं हमेशा घर में घुस के ही मारता हूं (शान)

72.जिंदगी और शतरंज में यही तो फर्क है... जिंदगी में दूसरा मौका नहीं मिलता... यहां शतरंज में मिल जाता है (वजीर)

73.तोहफा देने वाले की नीयत देखी जाती है ... तोहफे की कीमत नहीं देखी जाती (शराबी)

74.आपने मुझे वो सब दिया जिसे बाजार से खरीद कर एक घर में सजाया जा सकता है...मगर वो सुख कभी नहीं दिया जिसे एक दिल में सजा जा सके(शराबी)

75.क्या दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं... एक वो जो खुद बताते हैं कि वो कौन है... दूसरे वो जिनके बारे में दुनिया बताती है कि वो कौन हैं (बुड्ढा होगा तेरा बाप)

76.ये वर्ल्ड है न वर्ल्ड, इसमें दो तरह के लोग होते हैं... एक जो सारी ज़िंदगी एक ही काम करते रहते हैं... और दूसरे जो एक ही ज़िंदगी में सारे काम कर देते हैं (बंटी और बबली)

77. आनंद मरा नहीं, आनंद मरते नहीं (आनंद)

78.आज तक तो गम-ए-रोजगार से दामन नहीं छुड़ा सका...आप से मिलने के बाद शायद गम-ए-दिल से रिश्ता हो जाए (सिलसिला)

79. मर्द को दर्द नहीं होता (मर्द)

80.बदला लेना हर बार सही नहीं होता ... लेकिन माफ़ कर देना भी हर बार सही नहीं होता (बदला)

81.एक अमीर जब मरता है तो उसके पीछे सुख चैन छोड़ कर जाता है... लेकिन एक गरीब जब मरता है तो दुख दर्द छोड़ कर जाता है (बेमिशाल)

82.एक बार इंसान पैदा हो जाए, उसकी उम्र सिर्फ घटती है... बढ़ती नहीं (सूर्यवंशम)

83.ऐसा तो आदमी जिंदगी में दो-इच समय भागता है...ओलंपिक की रेस हो या पुलिस का केस हो...तुम काहे में भागता है भाई? (अमर अकबर एंथोनी)

84.हमारे यहां घड़ी की सुई कैरेक्टर डिसाइड करती है (पिंक)