अमिताभ बच्चन और ओम पुरी जैसे दिग्गजों के साथ काम कर चुकी उस हीरोइन की कहानी, जिसने करियर के पीक पर बॉलीवुड छोड़ा और 120 CR के पारिवारिक बिजनेस की कमान संभाल ली।
2000 के दशक की शुरुआत में पेरिज़ाद ज़ोराबियन उन चुनिंदा एक्ट्रेसेस में थीं, जिन्होंने कंटेंट-ड्रिवन और अंग्रेज़ी भाषा की भारतीय फिल्मों को नई पहचान दिलाई। बॉलीवुड कॉलिंग , जॉगर्स पार्क, मॉर्निंग रागा और एक अजनबी जैसी फिल्मों में दमदार एक्टिंग के बाद उनका करियर तेज़ी से आगे बढ़ रहा था। लेकिन जब सबको लगा कि वह बॉलीवुड में लंबी पारी खेलेंगी, तब उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने इंडस्ट्री को चौंका दिया। पेरिज़ाद ने फिल्मों की चमक-दमक छोड़कर अपने परिवार के पोल्ट्री बिजनेस की जिम्मेदारी संभाल ली। आज वह करोड़ों का कारोबार संभाल रही हैं।

पेरिज़ाद ज़ोराबियन कभी बॉलीवुड में नहीं आना चाहती थीं
पेरिज़ाद ज़ोराबियन खुद को हमेशा एक एक्सीडेंटल एक्ट्रेस बताती रही हैं। उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा कि एक्टिंग कभी उनका करियर प्लान नहीं था। महज 8 साल की उम्र से उनका सपना अपने परिवार के पोल्ट्री ब्रांड ज़ोराबियन चिकन को आगे बढ़ाने का था। मुंबई में पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एमबीए करने न्यूयॉर्क चली गईं। वहां उन्होंने रचनात्मक रुचि के लिए एक्टिंग और डांस की ट्रेनिंग ली, लेकिन उनका लक्ष्य भारत लौटकर फैमिली बिजनेस संभालना ही था।

मुंबई यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडलिस्ट हैं पेरिज़ाद ज़ोराबियन
बहुत कम लोग जानते हैं कि पेरिज़ाद मुंबई यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इसके अलावा वह वेस्टर्न क्लासिकल बैले डांसर भी हैं और उन्होंने न्यूयॉर्क की सिटी यूनिवर्सिटी से मार्केटिंग में एमबीए किया है। भारत लौटने के बाद पेरिज़ाद अपने पिता के साथ बिजनेस सीख रही थीं। इसी दौरान मॉडल कोऑर्डिनेटर मोना रानी की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने पेरिज़ाद को मॉडलिंग का सुझाव दिया और बाद में निर्देशक नागेश कुकुनूर की फिल्म बॉलीवुड कॉलिंग के लिए ऑडिशन दिलवाया। पेरिज़ाद ने यह फिल्म सिर्फ एक अनुभव के तौर पर स्वीकार की थी, लेकिन यही फैसला उनके एक्टिंग करियर की शुरुआत बन गया, जिसमें ओमपुरी जैसे कलाकार अहम् भूमिका में थे।
'बॉलीवुड कॉलिंग' ने खोले सफलता के दरवाजे

फिल्म रिलीज होते ही पेरिज़ाद को इंडस्ट्री में पहचान मिलने लगी। इसके बाद उन्होंने विक्टर बनर्जी और गिरीश कर्नाड के साथ जॉगर्स पार्क, शबाना आझमी, लिलेट दुवे जैसे कलाकरों के साथ मॉर्निंग रागा, राहुल बोस के साथ मुंबई मैटिनी और अमिताभ बच्चन, अर्जुन रामपाल के साथ एक अजनबी जैसी फिल्मों में काम किया। उनकी एक्टिंग क्षमता की काफी सराहना हुई और वह इंडिपेंडेंट सिनेमा की चर्चित चेहरा बन गईं।
पिता की एक सलाह ने बदल दी पेरिज़ाद की सोच
अन कवर्ड बाय सुकेतु शाह पर बातचीत में पेरिज़ाद ने बताया कि उनके पिता ने उनसे कहा था, "जो भी रास्ता चुनो, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनाओ। मैं हमेशा तुम्हारा सहारा रहूंगा, लेकिन जो भी करो उसमें 100 प्रतिशत देना।" इसी सलाह के बाद उन्होंने एक्टिंग पर पूरा फोकस किया और कई सफल फिल्मों का हिस्सा बनीं। 33 साल की उम्र में शादी और 34 साल की उम्र में मां बनने के बाद पेरिज़ाद की प्राथमिकताएं बदल गईं। उन्होंने महसूस किया कि फिल्मों की शूटिंग, लगातार यात्राएं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना मुश्किल होता जा रहा है।
पेरिज़ाद ज़ोराबियन का फिल्मों से बिजनेस तक का सफर

पेरिज़ाद ने बताया कि उनके पति बोमन ईरानी (अभिनेता नहीं) ने सिर्फ इतना कहा था कि शादी के बाद वह चाहेंगे कि उन्हें बार-बार यात्रा न करनी पड़े। इसके बाद पेरिज़ाद ने परिवार को प्राथमिकता देने का फैसला किया।उसी समय उनके पिता रिटेल बिजनेस का विस्तार कर रहे थे। पैकेजिंग और ब्रांडिंग को लेकर शुरू हुई चर्चाएं धीरे-धीरे पेरिज़ाद को फिर से कंपनी के कामकाज में ले आईं। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान भी सक्रिय रूप से बिजनेस में योगदान दिया, फार्म्स का दौरा किया और कई महत्वपूर्ण फैसलों में भागीदारी निभाई।
आज संभाल रही हैं 120 करोड़ का कारोबार
पेरिज़ाद आज ज़ोराबियन ग्रुप की प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी लगभग 700 लोगों को रोजगार देती है और इसका सालाना कारोबार करीब 120 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। बॉलीवुड छोड़ने के बावजूद उन्होंने एक अलग क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की और साबित किया कि करियर की दूसरी पारी भी उतनी ही शानदार हो सकती है।
