Anuradha Paudwal Controversy: गायिका अनुराधा पौडवाल ने राम मंदिर व 'विश्वगुरु' पर अपने बयान से हुए विवाद पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि पॉडकास्ट में उनकी बातों को संदर्भ से काटकर सनसनीखेज बनाया गया और गलत तरीके से पेश किया गया।
मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल हाल ही में राम मंदिर दान विवाद और 'विश्वगुरु' वाले बयान को लेकर सुर्खियों में रहीं। उनके एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। अब अनुराधा पौडवाल ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि उनकी बातों को संदर्भ से काटकर सनसनीखेज तरीके से पेश किया गया। दरअसल हाल ही में अनुराधा पौडवाल एक पॉडकास्ट में शामिल हुई थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने भारत के 'विश्वगुरु' बनने की अवधारणा, शिक्षा व्यवस्था और समाज से जुड़े कुछ मुद्दों पर अपनी राय रखी थी। इंटरव्यू के कुछ क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिनमें उनके बयानों को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसके बाद राम मंदिर दान से जुड़े कथित घोटाले और 'विश्वगुरु' वाले बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया।
अनुराधा पौडवाल से अब इंस्टाग्राम पर जारी किया स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ने के बाद अनुराधा पौडवाल ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट शेयर कर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि वह अपने देश और उसके नेतृत्व का सम्मान करती हैं और हर नागरिक की तरह अपनी बात सम्मानपूर्वक रखने का अधिकार रखती हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने देश और उसके नेतृत्व का सम्मान करती हूं। हर नागरिक को इस देश में सम्मानपूर्वक अपने विचार रखने का अधिकार है और मैं हमेशा इस बात पर कायम रहूंगी।’
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'मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया' - अनुराधा पौडवाल
अनुराधा पौडवाल ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि उनकी पूरी बातचीत के बजाय केवल कुछ हिस्सों को काटकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के एडिट किए गए वीडियो उनकी बात का सही अर्थ नहीं बताते और लोगों के सामने गलत संदेश पहुंचाते हैं। गायिका ने कंटेंट क्रिएटर्स से भी अपील की कि किसी भी बातचीत को अधूरा दिखाकर सनसनी फैलाने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘मैं ऐसे वीडियो का समर्थन नहीं करती। कृपया पूरी बातचीत को उसके सही कंटैक्स्ट में समझें। किसी भी बातचीत को सुविधा के अनुसार काटकर पेश करना सही नहीं है।’
'विश्वगुरु' पर क्या कहा?
अनुराधा पौडवाल ने अपने बयान में यह भी कहा कि कुछ साल पहले वह भी मानती थीं कि भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन समय के साथ उन्होंने कई ऐसी परिस्थितियां देखीं, जिन्होंने उन्हें सोचने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि यदि भारत वास्तव में विश्वगुरु बनना चाहता है तो शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देना होगा। गायिका ने शिक्षा के मुद्दे पर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि यदि देश को वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभानी है तो शिक्षा व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि कई स्कूल बंद होने जैसी खबरें चिंता पैदा करती हैं और इस दिशा में गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
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राम मंदिर दान विवाद पर भी रखी राय
अनुराधा पौडवाल ने कथित राम मंदिर दान से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल से जुड़े ऐसे आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत अगर विश्वगुरु बनने का सपना देखता है तो उसे पारदर्शिता, ईमानदारी और मोरल वैल्यू को हाई प्रायोरिटी देनी होगी। अनुराधा के स्पष्टीकरण के बाद भी सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस जारी है। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ अब भी उनके पुराने वीडियो क्लिप्स पर अपनी राय दे रहे हैं। हालांकि, अनुराधा पौडवाल ने साफ कर दिया है कि उनकी पूरी बातचीत को सुने बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है और उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है।
