Sanjay Mishra inspirational life story: इस फेमस बॉलीवुड अभिनेता ने पिता के निधन व बीमारी के बाद एक्टिंग छोड़ दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने ऋषिकेश के एक ढाबे पर 150 रुपये में काम किया।
बॉलीवुड में सफलता की कहानी अक्सर संघर्ष से होकर गुजरती है, लेकिन कुछ कलाकारों की जिंदगी में ऐसे मोड़ आते हैं जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं होते। 'धमाल 4', 'भूल भुलैया', 'गोलमाल' और 'वध' जैसी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से पहचान बनाने वाले अभिनेता संजय मिश्रा ने भी एक दौर ऐसा देखा, जब उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का फैसला कर लिया था। पिता के निधन और गंभीर बीमारी के बाद वह मुंबई छोड़कर ऋषिकेश चले गए, जहां उन्होंने एक ढाबे पर सिर्फ 150 रुपये प्रतिदिन में काम किया। आज वही अभिनेता करोड़ों की संपत्ति और आलीशान घर के मालिक हैं।
पिता के निधन के बाद छोड़ दिया था मुंबई
संजय मिश्रा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके जीवन का सबसे कठिन समय वह था, जब वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। उनके पेट से पस (Pus) निकालने के लिए बड़ी सर्जरी करनी पड़ी। डॉक्टरों ने परिवार को उनकी हालत बेहद गंभीर बताई थी। इलाज के बाद जब वह ठीक हुए, तब कुछ ही दिनों में उनके पिता का निधन हो गया। इस घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया। पिता के जाने के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और बिना किसी योजना के मुंबई छोड़कर ऋषिकेश चले गए।
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ढाबे पर धोए बर्तन-बनाया ऑमलेट
ऋषिकेश में गंगा किनारे एक छोटे से ढाबे पर उन्होंने काम करना शुरू किया। ढाबे के मालिक ने उनसे कहा कि उन्हें रोज करीब 50 कप धोने होंगे और ग्राहकों के लिए ऑमलेट बनाने होंगे, जिसके बदले उन्हें 150 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। संजय मिश्रा ने बताया कि उस समय उन्हें सिर्फ अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करनी थीं। इसलिए उन्होंने बिना किसी झिझक के यह काम स्वीकार कर लिया। उनके लिए उस वक्त सम्मान से ज्यादा जरूरी जीवन को आगे बढ़ाना था।
डॉक्टरों ने कह दिया था बचने की उम्मीद कम
अभिनेता ने यह भी खुलासा किया कि बीमारी के दौरान डॉक्टरों ने उनके परिवार को बता दिया था कि अगर ऑपरेशन सफल नहीं हुआ तो उनके बचने की संभावना बेहद कम है। इस कठिन दौर ने उन्हें जिंदगी को बिल्कुल नए नजरिए से देखने की सीख दी। संजय मिश्रा ने अपने पिता के साथ हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पिता से पूछा था कि वह उनके लिए क्या कर सकते हैं। इस पर उनके पिता ने जवाब दिया था, ‘तुम्हारी नसीहत की जरूरत नहीं है।’ पिता के निधन के बाद उन्हें उनकी डायरी में एक नोट मिला, जिसमें लिखा था कि एक घटना के दौरान बेटे के गुस्से के कारण उन्हें अपमानित महसूस हुआ था। इस बात का अफसोस आज भी संजय मिश्रा के दिल में है।
फिर से फिल्मों में की दमदार वापसी
कुछ समय बाद संजय मिश्रा ने खुद को संभाला और दोबारा फिल्म इंडस्ट्री में लौटे। वापसी के बाद उन्होंने लगातार बेहतरीन अभिनय किया और 'आंखों देखी', 'वध', 'भूल भुलैया', 'गोलमाल' फ्रेंचाइजी, 'धमाल' सीरीज समेत कई फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई। आज उन्हें बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली कैरेक्टर आर्टिस्ट में गिना जाता है।
आज करोड़ों की संपत्ति और आलीशान घर के मालिक
एक समय 150 रुपये की नौकरी करने वाले संजय मिश्रा आज मुंबई में लगभग 4.95 करोड़ रुपये के शानदार घर के मालिक बताए जाते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज और विज्ञापनों में लगातार काम करने के साथ उन्होंने अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर इंडस्ट्री में मजबूत जगह बनाई है। संजय मिश्रा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि जिंदगी में मुश्किल दौर हमेशा स्थायी नहीं होते। कभी ढाबे पर काम करके गुजारा करने वाले अभिनेता ने हार नहीं मानी और अपने टैलेंट के दम पर फिर से बॉलीवुड में वापसी की। आज उनकी सफलता लाखों लोगों के लिए इंस्पिरेशन है।
