आयुष्मान खुराना ने अपने बचपन के दर्दनाक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके पिता उन्हें बेल्ट और चप्पल से मारते थे, जिससे उन्हें मानसिक आघात पहुंचा।

एंटरटेनमेंट डेस्क. बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना अक्सर किसी न किसी वजह से चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने पिता पी. खुराना के बारे में कई खुलासे किए, जिसके बाद से वो खबरों में आए। आयुष्मान ने कहा कि वो बचपन में बहुत ट्रॉमा में रहते थे। इसके साथ ही उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि उनके पिता उन्हें बेल्ट और चप्पल से पीटते थे।

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आयुष्मान खुराना ने किए शॉकिंग खुलासे

आयुष्मान खुराना ने कहा, 'मैं एकदम अलग पिता हूं। मेरे पिता तो तानाशाह थे। वो चप्पल, बेल्ट वगैरह से हमारी पिटाई करते थे। उनके लिए ऐसा करना आम नॉर्मल बात थी और इसी कारण मुझे बचपन में मेंटल ट्रॉमा भी था। एक दिन तो मैं पार्टी से लौट रहा था और मेरी शर्ट से सिगरेट की बदबू आ रही थी। मैंने पापा के डर की वजह से कभी भी सिगरेट को हाथ नहीं लगाया था, लेकिन फिर भी उन्होंने मुझे इसके लिए पीटा था।

आयुष्मान खुराना ने ऐसे की थी बॉलीवुड में एंट्री

आयुष्मान खुराना का जन्म 14 सितंबर, 1984 को चंडीगढ़ में एक पंजाबी-हिंदू परिवार में हुआ था। आयुष्मान बचपन से ही एक्टर बनना चाहते थे। इस वजह से जब वो 5 साल के थे, तब ही उनके पिता ने थिएटर ज्वाइन किया था। इसके बाद उन्होंने डीएवी कॉलेज में एक्टिव चंडीगढ़ थिएटर ग्रुप, ज्वॉइन किया और फिर इसके बाद मुंबई का रुख कर लिया। काफी स्ट्रगल के बाद उन्होंने एमटीवी के शो रोडीज 2 में भी हिस्सा लिया और विनर भी बने थे। इसके बाद कई शोज करने के बाद उन्होंने और एंकरिंग करने के बाद उन्होंने 2012 में फिल्म 'विक्की डोनर' में काम किया, जो कि एक बड़ी हिट बनी। वहीं इस फिल्म में आयुष्मान खुराना का सॉन्ग पानी दा रंग भी लोगों को खूब पसंद आया।

हालांकि, 'विक्की डोनर' के बाद आयुष्मान की फिल्म 'नौटंकी साला', 'बेवकूफियां', 'हवाईजादा' बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन फिल्म 'दम लगा के हईशा', 'बरेली की बर्फी', 'बधाई हो', 'ड्रीम गर्ल', 'बाला', 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' में शानदार एक्टिंग दिखाकर आयुष्मान ने ऑडियंस के दिल जीत लिया।

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