लेखिका शोभा डे ने दावा किया कि धर्मेंद्र की प्रार्थना सभा से हेमा मालिनी और उनकी बेटियों को देओल परिवार ने दूर रखा। डे के अनुसार, हेमा ने इस स्थिति को गरिमा से संभाला और इसे सार्वजनिक मुद्दा नहीं बनाया।

बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र के निधन से उनके परिवार से लेकर फैंस तक बुरी तरह टूट गए हैं। धर्मेंद्र के चले जाने के बाद उनके परिवारिक रिश्तों पर भी बुरा असर पड़ा है। देओल परिवार ने हेमा मालिनी और उनकी दोनों बेटियों को दरकिनार कर दिया है। वहीं अब कॉलमिस्ट और लेखिका शोभा डे ने दावा किया है कि यही कारण था कि वो धर्मेंद्र की प्रेयर मीट का भी हिस्सा नहीं थीं, जिसका आयोजन उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर और बेटों सनी देओल और बॉबी देओल ने किया था।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शोभा डे का खुलासा

शोभा डे ने कहा, 'यह काफी मुश्किल फैसला रहा होग। जिस रिश्ते में उन्होंने अपने जीवन के 45 साल लगाए, उसे संभाला, संजोया-उसी से उन्हें पहले परिवार ने पूरी तरह बाहर कर दिया। इस शादी से उनकी दो बेटियां थीं। यह बात उन्हें बहुत दुख पहुंचाती होगी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी पर्सनल लाइफ तक ही सीमित रखा। उन्होंने इसे जिस तरह से संभाला और जब भी उन्होंने कोई पब्लिक इवेंट किया, मुझे लगता है कि उन्होंने उसे पूरी गरिमा के साथ निभाया, न केवल अपने लिए बल्कि उस शख्स के लिए भी जिसे उन्होंने खो दिया था।'

ये भी पढ़ें..

Oscars 2026 Shortlists: फ्रैंकेंस्टाइन-विकेड फॉर गुड का दबदबा, भारत की ये 2 फिल्में भी

हेमा मालिनी ने नहीं उठाया इस चीज का फायदा

शोभा ने बताया कि हेमा उन भावुक पलों का फायदा उठा सकती थीं, लेकिन उन्होंने दिखावे की होड़ के बजाय गरिमा को चुना। शोभा ने आगे कहा, 'हेमा खुद ही काफी प्रभावशाली हैं, ऐसे में उनका पब्लिक्ली दिखावा करने के बजाए गरिमा को चुनना उनके कैरेक्टर के बारे में बहुत कुछ कहता है। धरम जी के निधन के तुरंत बाद, वो उन भावुक पलों का आसानी से फायदा उठा सकती थीं। मीडिया उनके हर आंसू और हर सिसकी को कवर करना चाहता, उनकी प्राइवेसी में दखल देना चाहता और उनकी गरिमा को पूरी तरह से छीन लेना चाहता, जो जाहिर तौर पर उनके लिए बहुत मायने रखती है।'

आपको बता दें 27 नवंबर को मुंबई में धर्मेंद्र के लिए एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी, जिसका आयोजन उनके बेटों सनी देओल और बॉबी देओल ने किया था। हेमा और उनकी बेटियां ईशा और अहाना इस प्रार्थना सभा में शामिल नहीं हुईं। इसके बजाय, उन्होंने उसी दिन अपने घर पर धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देने के लिए एक अलग समारोह आयोजित किया।

ये भी पढ़ें..

इस एक वजह के चलते रेखा ने अमिताभ बच्चन को छोड़ मुकेश अग्रवाल से की थी शादी