Jatadhara Early Review: 7 नवंबर को रिलीज हो रही सुपरनैचुरल थ्रिलर 'जटाधारा' एक पिशाचिनी और भूत शिकारी के टकराव की कहानी है। ऐसे में आइए जानते हैं सोनाक्षी सिन्हा और सुधीर बाबू के दमदार अभिनय वाली इस फिल्म की कहानी कैसी है? 

वेंकट कल्याण की सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'जटाधारा' 7 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। जब से इस फिल्म का ट्रेलर जारी हुआ था, तब से लोग इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। वहीं अब इस फिल्म की रिलीज से पहले आइए जानते हैं कि कैसी है यह फिल्म..

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क्या है फिल्म 'जटाधारा' की कहानी?

फिल्म 'जटाधारा' की शुरुआत एक प्राचीन पिशाच बंधन से होती है, जिसे कभी एक खजाने की रक्षा के लिए रचा गया था। कहानी तब मोड़ लेती है, जब शिल्पा के किरदार को यह पता चलता है कि खजाना उसके ही घर में छिपा हुआ है। ऐसे में वो लालच में आकर अनजाने में उस पिशाचिनी को मुक्त कर देती है, जो सदियों से बंधी हुई थी। बंधन के टूटते ही धन पिशाचिनी (सोनाक्षी सिन्हा) जाग उठती है। वहीं, शिवा (सुधीर बाबू) एक भूत-प्रेत शिकारी है, जो आत्माओं और अलौकिक शक्तियों पर विश्वास नहीं करता, बल्कि उन्हें अंधविश्वास मानकर गलत साबित करता है, लेकिन घटनाओं की एक सीरीज उसे उसके अपने तर्कों से परे, आस्था और आध्यात्मिक अनुभव की ओर ले जाती है। पिशाचिनी एक रहस्यमयी बलि की मांग करती है, जिसकी सच्चाई को समझना आसान नहीं होता है। अब शिवा को समय रहते उस राक्षसी शक्ति से भिड़ना होगा और अपने खोए हुए विश्वास को फिर से पाना होगा। ऐसे में देखना खास होगा कि इसमें किसी जीत होती है।

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कैसी है फिल्म 'जटाधारा' की स्टारकास्ट की एक्टिंग?

फिल्म 'जटाधारा' से सोनाक्षी सिन्हा अपना तेलुगु डेब्यू कर रही हैं, और उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग से कहानी में जान फूंक दी है। सुधीर बाबू ने शिवा के किरदार को गहराई और वास्तविकता के साथ निभाया है, जो दर्शकों को पूरी तरह से जोड़ लेता है। वहीं, शिल्पा शिरोडकर और इंदिरा कृष्णा ने अपने भावनात्मक अभिनय से कहानी में भावनाओं का खूबसूरत रंग भरा है। राजीव कनकला, रवि प्रकाश और सुभालेखा सुधाकर ने भी जबरदस्त परफॉर्मेंस दी है। फिल्म कुछ जगह स्लो होती है, लेकिन इसका थ्रिलर लोगों को शुरुआत से अंत तक स्क्रीन से बांधे रखता है। ऐसे में हम इस फिल्म को 5 में से 3.5 रेटिंग रेटिंग देते हैं।